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मधुबनी में छात्र संघर्ष समिति ने शुक्रवार दोपहर लगभग 1:30 बजे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन आर.के. कॉलेज परिसर से आर.के. कॉलेज मुख्य द्वार तक पैदल मार्च के रूप में हुआ, जिसका नेतृत्व समिति के अध्यक्ष संतोष यादव ने किया। मार्च के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। बाद में आर.के. कॉलेज के मुख्य द्वार पर शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला जलाया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कॉलेज परिसर और मुख्य द्वार के आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम पर नजर रखी और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पेपर लीक छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय इस अवसर पर छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष संतोष यादव ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हैं। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र कड़ी मेहनत से परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने से उनकी मेहनत और विश्वास दोनों प्रभावित होते हैं। संतोष यादव ने यह भी बताया कि दिल्ली और पटना सहित देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इन आंदोलनों के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना उचित नहीं है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दें इस्तीफा उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। यादव ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन्हीं मांगों के समर्थन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया।
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