![]()
‘चिकू भइया… जल्दी घर पहुंचिए। घर के सीसीटीवी में 3-4 लोग भागते दिख रहे हैं। मम्मी तेजी से छत की ओर भागी है। कुछ गड़बड़ है। पापा-मम्मी का माेबाइल बंद है।’ कर्नाटक के मंगलौर में रह रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर निखिल ने सोमवार की देर शाम ये बातें अपने पड़ोसी अमित कुमार उर्फ चिकू से कही थी। दरअसल, सोमवार देर शाम पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से रिटायर्ड कैशियर अशोक कुंवर और उनकी पत्नी नीलम कुंवर का शव खून से लथपथ मिला था। अशोक कुंवर के शरीर पर चाकू से वार के 10 से अधिक निशान मिले थे, जबकि पत्नी के हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे और मुंह पर चौड़ा टेप चिपकाया गया था। घटना की जानकारी सबसे पहले बेटे डॉ. निखिल कुमार को हुई। उन्होंने मोबाइल से जुड़े घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में दो संदिग्ध लोगों की गतिविधियां देखीं थी।बुजुर्ग दंपती की हत्या कैसे की गई, किसने की और क्यों की? घटना को लेकर बुजुर्ग दंपती के बेटे ने क्या बताया? डबल मर्डर को लेकर मुजफ्फरपुर पुलिस का क्या कहना है? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले डबल मर्डर से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए अब जानिए बुजुर्ग दंपती के बेटे निखिल ने क्या बताया? कर्नाटक में साॅफ्टवेयर कंपनी में तैनात निखिल ने बताया कि मैंने पड़ोस के चिकू भइया से घर जाने और वहां क्या हो रहा है, इसे देखने की रिक्वेस्ट की थी। जब वे घर पहुंचे और वहां जो कुछ हुआ, मुझे बताया तो मैं परेशान हो गया। मैंने तत्काल बेंगलुरु से पटना के लिए फ्लाइट देखी, लेकिन कोई फ्लाइट नहीं थी। मैं रातभर छटपटाता रहा, ये सोचता रहा कि आखिर निर्मम तरीके से मेरे माता-पिता की हत्या किसने की, क्यों की। मंगलवार को फ्लाइट लेकर मैं घर पहुंचा। निखिल ने बताया- हाल ही में पिताजी का लीवर का ऑपरेशन हुआ था निखिल ने बताया कि हम मूल रूप से गायघाट के रहने वाले है। पिताजी की कुछ महीने पहले बायपास सर्जरी हुई थी। इसके बाद भी उनकी तबीयत ठीक नहीं रह रही थी। बाद में जब जांच कराई गई तो पता चला कि पिताजी के लीवर में इंन्फेक्शन है। इसके बाद करीब 2 महीने पहले पिताजी के लीवर का ऑपरेशन कराया था। डॉक्टरों ने उनका आधा लीवर काटकर हटा दिया था। पिताजी चार भाई थे। उनके दो भाइयों की हाल ही में मौत हुई थी। दोनों उनसे छोटे थे। छोटे भाइयों की मौत के बाद वो उदास रहते थे। किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। हालांकि, वे जब भी किसी से बात करते थे तो बोलते थे कि अब सब ठीक है। मैं 10 साल और जिंदा रह सकता हूं। 2 संदिग्ध 2 दिन पहले किराएदार बन कर घर में घुसे थे मुजफ्फरपुर पुलिस ने बताया कि अब तक की जांच पड़ताल में सामने आया है कि 2 संदिग्ध 2 दिन पहले किराएदार बन कर घर में घुसे थे। मर्डर की गुत्थी सुलझाने में पुलिस जुटी है। पुलिस ने बताया कि संदेह के घेरे में एक युवक है, जो घटना से ठीक दो दिन पहले 18 जुलाई को घर के दूसरे तल्ले पर किराए पर कमरा लिया था। घटना के बाद से वह फरार है। जिस कमरे को उसने किराए पर लिया था, उसी कमरे में नीलम कुंवर का शव मिला। पुलिस उसे प्राइम सस्पेक्ट मानकर उसकी तलाश में जुटी है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर लाए गए। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए दोनों शव को उनके पैतृक गांव गायघाट प्रखंड के केवटसा ले जाया गया। बुजुर्ग दंपती का मोबाइल भी गायब, ट्रेस करने में जुटी पुलिस घटनास्थल से अशोक कुंवर और उनकी पत्नी के मोबाइल फोन भी गायब हैं। फिलहाल, किसने और क्यों मर्डर किया। इसका खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का मानना है कि मोबाइल में घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग हो सकते हैं। मोबाइल की तलाश के लिए डीआईयू की तकनीकी टीम को लगाया गया है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। मंगलवार को एफएसएल टीम ने दोबारा घटनास्थल पर पहुंचकर सबूत जुटाए। ऐसे हुई थी दोहरे हत्याकांड की वारदात सोमवार की शाम करीब चार बजे अपराधियों ने रामबाग चौड़ी स्थित घर में रिटायर्ड बैंककर्मी अशोक कुंवर और उनकी पत्नी नीलम कुंवर की हत्या कर दी। अशोक कुंवर का शव प्रथम तल्ले के बेडरूम में पलंग पर औंधे मुंह खून से लथपथ मिला। उनके शरीर पर चाकू से कई वार किए गए थे। कमरे की दीवारों तक पर खून के छींटे मिले। वहीं, दूसरे तल्ले पर नीलम कुंवर का शव मिला। उनके हाथ-पैर रस्सी से पलंग के चारों खंभों से बंधे थे। चेहरे पर चौड़ा टेप चिपकाया गया था और गले में गमछा कसकर उनकी हत्या की गई थी। पुलिस का मानना है कि बदमाश रस्सी, चाकू और टेप पहले से साथ लेकर आए थे। सीसीटीवी में मां को छत की ओर भागते देखा घटना की जानकारी सबसे पहले दंपती के बेटे डॉ. निखिल कुमार को हुई। उन्होंने मोबाइल से जुड़े घर के सीसीटीवी कैमरे में दो संदिग्ध युवकों की गतिविधियां देखीं। फुटेज में उनकी मां नीलम कुंवर छत की ओर भागती हुई भी दिखाई दीं। इसके बाद उन्होंने कई बार माता-पिता को फोन किया, लेकिन दोनों का मोबाइल बंद मिला। अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने पड़ोसी अमित कुमार उर्फ चिक्कू को फोन कर घर जाकर देखने को कहा। अब क्राइम सीन को जानिए… पड़ोसी चिक्कू ने बताया कि निखिल का कॉल आते वे अशोक के घर में उपर गए। कमरे में अंधेरा था। नीचे के एक रेंटर के साथ टॉर्च लेकर वे फिर ऊपर कमरे में गए। वहां का नजारा देखते ही वो स्तब्ध रह गए। अशोक कुंवर का शव पलंग पर औंधे मुंह पड़ा हुआ। कमरे में खून ही खून था। दीवार तक पर खूंन के छींटे थे। शरीर पर कई चाकू के जख्म के निशान मिले है। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना निखिल को कॉल कर दी। निखिल ने कहा कि आप जाकर मां को देखिए वो सीसीटीवी में ऊपर भागते दिखी है। ऊपर जब पड़ोसी चिक्कू पहुंचे, तो देखा कि नीलम देवी का शव बिस्तर पर पड़ा था। बेड के चारों खूंटे से उनके हाथ पांव बांधे गए थे। चेहरे पर सफेद वाली चौड़ी टेप चिपकी थी, जिससे आवाज भी न निकल पाए। गर्दन में सफेद रंग का गमछा कसा हुआ था। यह देखते ही इसकी सूचना निखिल को दी, फिर पुलिस को जानकारी दी। दो दिन पहले किराएदार बनकर पहुंचे थे संदिग्ध मकान में पिछले साढ़े चार साल से किराए पर रह रही कृष्णा देवी ने बताया कि दो दिन पहले शनिवार की शाम एक नए रेंटर ने किराए पर कमरा लिया। वह अपने साथ सिर्फ एक झोला, एक झाडू और एक सिलेंडर साथ लाया था। हालांकि, रेंटर के आने का पता उन्हें नहीं था। शनिवार की शाम आंटी यानी नीलम देवी जब मोटर चलाने पहुंची, तो बातचीत में बताया कि नया रेंटर आया है। उन्हें पानी की जरूरत है। वहीं, रविवार को करीब 11 बजे फिर वो एक झोला लेकर पहुंचा। इसके बाद से वह बाहर नहीं निकला। इसके बाद उसे फिर सोमवार शाम सीसीटीवी में करीब 4 बजे वह भागते हुए दिखाई दिया । कृष्णा ने बताया कि शाम साढ़े पांच में रोजाना नीलम देवी मोटर चलाने आती थी। सोमावार की शाम जब आंटी नहीं आई, तो उन्हें आवाज लगाया, कुछ जवाब नहीं आया। इसके बाद वह अपने काम पर निकल गई। शाम करीब सात बजे निखिल भईया अशोक कुंवर के बेटे ने पड़ोसी चिक्कू को कॉल किया। जिसके बाद वे मेरे घर आए कि ऊपर अंधेरा है। पति से कहा कि टॉर्च लेकर चलिए। ऊपर का नजारा देख दंग रह गए। रस्सी के टुकड़े और ग्लव्स मिले कृष्णा देवी ने बताया कि जिस कमरे में अशोक कुंवर की हत्या हुई, वहां से ग्लव्स भी मिले। वहीं, दूसरे तल्ले वाले कमरे में रस्सी के चार टुकड़े मिले, जिनसे नीलम कुंवर के हाथ-पैर बांधे गए थे। पुलिस का मानना है कि बदमाश पहले अशोक कुंवर की हत्या करने के बाद नीलम कुंवर को पकड़कर ऊपर ले गए और वहां उनकी हत्या कर दी। बेटी बोलीं- किसी से नहीं था झगड़ा दंपती की बेटी गीता ने बताया कि उनके पिता का किसी से कोई विवाद नहीं था। वह नियम-कानून के पक्के थे और किसी भी किराएदार को रखने से पहले उसके सभी दस्तावेज लेते थे। दो दिन पहले नए किराएदार के आने की जानकारी परिवार को दी थी। आशंका है कि आरोपी अपने दस्तावेज भी साथ लेकर फरार हो गए। पुलिस का मानना है कि वे हत्या की नीयत से ही किराएदार बनकर घर में आए थे। ‘कैशियर साहब’ के नाम से थी पहचान अशोक कुंवर पंजाब नेशनल बैंक में कैशियर थे और साल 2014 में सेवानिवृत्त हुए थे। बैंक में उनके साथ काम कर चुके कृष्णा झा ने बताया कि उन्होंने बरूआरी और भूसरा शाखा में लंबे समय तक सेवा दी थी। गायघाट क्षेत्र में लोग उन्हें “कैशियर साहब” के नाम से जानते थे। फोन में छिपे हो सकते हत्या के राज घटनास्थल से दंपती के फोन गायब है। पुलिस अपने तकनीकी टीम की मदद से फोन भी खोजने में लगी है। फिलहाल जांच सीसीटीवी कैमरे पर टिकी हुई है। पुलिस पिछले तीन दिन की हर गतिविधि की बारीकी से जांच कर रही है। जो संदिग्ध दिख रहे हैं, उनकी पहचान की जा रही है। पुलिस ने फिलहाल अशोक कुंवर के घर काम करने वाली मेड से भी पूछताछ की है, दंपती के अलावा नौकरानी ने ही नए किराएदार को देखा था। वहीं आसपास के लोगों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। घटनास्थल से एफएसएल की टीम ने बारीकी से हर सबूत संकलित किए है। एसआईटी कर रही हर एंगल से जांच घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि जांच में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। सभी किराएदारों का सत्यापन किया जा रहा है। 18 जुलाई को किराए पर कमरा लेने वाला युवक घटना के बाद से फरार है और वही फिलहाल जांच का प्रमुख संदिग्ध है। पुलिस परिवार से भी पूछताछ कर रही है और जमीन विवाद समेत सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज, एफएसएल रिपोर्ट और तकनीकी सबूत के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
Source link