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के प्रदर्शन में भारी बवाल से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हिरासत में उपद्रवी हिंसा के पीछे साजिश की होगी जांच…



राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर में हालात उस समय बेकाबू हो गए, जब कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हजारों प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद तक मार्च करना चाहते थे, लेकिन दिल्ली पुलिस से इसकी इजाजत नहीं ली थी।

पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शन और हिंसक और गया। प्रदर्शनकारियों के पत्थरबाजी में  50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों घायल हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने “चलो संसद” मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली पुलिस से पहले से अनुमति नहीं ली गई थी। जब भीड़ संसद भवन की ओर बढ़ने लगी, तो पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर दी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिया।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर किया पथराव

यह टकराव तब शुरू हुआ जब हजारों प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिससे सुरक्षा बलों के साथ सीधी झड़प हो गई। हालात को संभालने के लिए पुलिस पहले आंसू गैस के गोले दागे। इसके बावजूद भी प्रदर्शकारी नहीं रूके तो पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मेडिकल कॉलेजों में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं का विरोध था और इसे लेकर शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस हिंसक झड़प में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। पत्थरबाजी में कम से कम 17 जवान गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें दिल्ली पुलिस और CAPF के सदस्य शामिल हैं। घायलों में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) का एक जवान भी है, जिसके सिर पर पत्थर लगने से गंभीर चोट आई है। एक दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर भी घायल हुए हैं। पुलिसकर्मियों की मेडिकल रिपोर्ट में कई पुलिसकर्मियों को फ्रैक्चर होने की बात सामने आई है।

70 से ज्यादा लोग हिरासत में

सुरक्षा बलों ने हिंसा से जुड़े कई लोगों को हिरासत में ले लिया। कानूनी कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए, स्पेशल CP (लॉ एंड ऑर्डर) ने बताया कि अलग-अलग शिकायतों के आधार पर अलग-अलग FIR दर्ज की जा रही हैं। प्रभावित इलाकों में जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, सुरक्षा बल सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रहे हैं और मामले दर्ज कर रहे हैं। अब तक 70 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई है।

CCTV फुटेज और मोबाइल वीडियो से उपद्रवियों की पहचान 

दोषियों की पहचान के लिए पुलिस CCTV फुटेज और मोबाइल वीडियो का इस्तेमाल कर रही है। रिपब्लिक भारत के पास भी कई वीडियो हैं, जिनका इस्तेमाल पुलिस अभी उपद्रवियों की पहचान करने के लिए कर रही है। घटनास्थल से करीब 40 वीडियो क्लिप हासिल की गई हैं। फुटेज में ज्यादातर प्रदर्शनकारी मास्क, रुमाल या कपड़ों से अपना चेहरा छिपाए दिख रहे हैं। वीडियो में प्रदर्शनकारियों को पुलिस बैरिकेड्स तोड़ते हुए देखा गया। पुलिस इन सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।

हिंसा के पीछे साजिश की होगी जांच

पुलिस के मुताबिक, अब तक जिन 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है, इनमें से कई लोग छात्र नहीं है। हिंसा के पीछे साजिश की भी जांच होगी। पाकिस्तान के अलग अलग हैंडल से हिंसा को लेकर कई ट्वीट आ रहे है, पुलिस उस एंगल से भी जांच कर रही है। प्रदर्शन को लेकर लगतार अफवाहे फैलाई जा रही है। पुलिस ने कहा कि हिंसा भड़काने के मामले अगर किसी राजनीतिक पार्टी की भूमिका सामने आएगी तो उसके खिलाफ भी करवाई होगी।

यह भी पढ़ें: CJP का प्रदर्शन हुआ हिंसक, प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव, झड़प में दिल्ली पुलिस के जवान घायल



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