शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के चौथे चरण का विज्ञापन जुलाई महीने में जारी करने की मांग को लेकर छात्र नेता दिलीप कुमार ने सरकार पर दबाव बनाया है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पहले ही कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि जुलाई में TRE-4 का विज्ञापन जारी किया जाएगा।
ऐसे में सरकार को अपने वादे पर कायम रहते हुए इसी महीने भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करना चाहिए।
दो चरणों में परीक्षा कराने का किया विरोध
दिलीप कुमार ने कहा कि शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए दो चरणों में परीक्षा लेने का प्रस्ताव अभ्यर्थियों के हित में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभ्यर्थियों को पीटी और मेंस जैसी दो अलग-अलग परीक्षाएं देना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा।
उनका कहना है कि जिस तरह फरवरी में चौथे चरण की भर्ती के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को प्रस्ताव भेजा गया था, उसी प्रारूप में इस बार भी विज्ञापन जारी किया जाना चाहिए।

बदलाव करना है तो TRE-5 से करें लागू
दिलीप कुमार ने कहा कि यदि सरकार परीक्षा प्रणाली में कोई बदलाव करना चाहती है तो उसे चौथे चरण में लागू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि परीक्षा पैटर्न या प्रक्रिया में किसी भी तरह का बदलाव पांचवें चरण (TRE-5) से लागू किया जाए और इसकी जानकारी पहले ही जारी कर दी जाए, ताकि अभ्यर्थियों को नई व्यवस्था के अनुसार तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
पेपर लीक रोकने का तर्क बताया गलत
उन्होंने सरकार के उस तर्क को भी खारिज किया जिसमें दो चरणों की परीक्षा को पेपर लीक रोकने का उपाय बताया जा रहा है। दिलीप कुमार ने कहा कि 66वीं और 67वीं बीपीएससी जैसी परीक्षाओं में भी पीटी और मेंस की व्यवस्था थी, इसके बावजूद पेपर लीक की घटनाएं सामने आई थीं। ऐसे में केवल दो चरणों में परीक्षा कराने से पेपर लीक रुक जाएगा, यह तर्क सही नहीं है।
विज्ञापन नहीं आया तो आंदोलन की चेतावनी
दिलीप कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जुलाई महीने में TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं किया गया तो छात्र-युवा एक बार फिर सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे हैं और अब सरकार को बिना देरी किए विज्ञापन जारी करना चाहिए।