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अगले हफ्ते रंजीत मेकट्रॉनिक्स लिमिटेड और एमी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड ये कंपनियां करने जा रहीं निवेशकों को मिलेंगे दोगुने शेयर…


शेयर बाजार में निवेश कर रहे लोगों के लिए दो अच्छी खबरें हैं। रंजीत मेकट्रॉनिक्स लिमिटेड और एमी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड ने अपने शेयरों को दो हिस्सों में बांटने (Stock Split) का फैसला किया है। यानी अब इन कंपनियों के 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक शेयर की जगह 5-5 रुपये फेस वैल्यू वाले दो शेयर मिलेंगे।

इसका असर ये होगा कि निवेशकों के पास शेयरों की संख्या दोगुनी हो जाएगी, जबकि कुल निवेश की वैल्यू जस की तस रहेगी। दोनों कंपनियों ने इस बदलाव के लिए अलग-अलग रिकॉर्ड डेट घोषित की है, जिसके आधार पर यह तय होगा कि किस निवेशक को नए शेयर मिलेंगे।

रंजीत मेकट्रॉनिक्स लिमिटेड: 21 अप्रैल को होगा शेयर स्प्लिट

रंजीत मेकट्रॉनिक्स लिमिटेड ने जानकारी दी है कि उसके 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक शेयर को दो बराबर हिस्सों में बांटा जाएगा। यानी अब हर शेयर दो शेयरों में बदल जाएगा, जिनकी फेस वैल्यू 5-5 रुपये होगी। यह बदलाव 21 अप्रैल 2025 को लागू होगा, जिसे कंपनी ने रिकॉर्ड डेट के रूप में घोषित किया है। मतलब यह कि जिन निवेशकों के पास इस तारीख तक कंपनी के शेयर होंगे, उन्हें ही इस स्प्लिट का फायदा मिलेगा।

कंपनी ने बताया कि यह फैसला SEBI के लिस्टिंग नियमों के तहत लिया गया है और इसकी पहले से जानकारी 25 मार्च को स्टॉक एक्सचेंज को दे दी गई थी। अब इसे अंतिम रूप देकर 21 अप्रैल की तारीख तय की गई है।

एमी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड: 25 अप्रैल को होंगे शेयर दो हिस्सों में

एमी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड ने भी बिल्कुल ऐसा ही कदम उठाया है। कंपनी ने बताया कि उसके 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर एक इक्विटी शेयर को दो हिस्सों में बांटा जाएगा, जिससे अब हर शेयर 5 रुपये फेस वैल्यू वाले दो शेयर में बदल जाएगा। कंपनी ने इस फैसले के लिए 25 अप्रैल 2025 (शुक्रवार) को रिकॉर्ड डेट तय की है। इससे पहले, 26 मार्च को कंपनी के शेयरधारकों ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी और 27 मार्च को इसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दे दी गई थी।

कंपनी ने साफ किया है कि नए शेयर भी पूरी तरह चुकता (fully paid-up) होंगे और सभी अधिकारों में पुराने शेयरों के बराबर (pari-passu) होंगे।

निवेशकों को क्या होगा फायदा?

शेयर स्प्लिट का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है और शेयर की कीमत बाजार में कम हो जाती है। इससे शेयर में लिक्विडिटी यानी खरीद-फरोख्त बढ़ती है और छोटे निवेशकों के लिए उसमें निवेश करना आसान हो जाता है। हालांकि कुल निवेश की वैल्यू में कोई बदलाव नहीं होता, लेकिन लंबी अवधि में कंपनी के शेयर ज्यादा लोगों तक पहुंच सकते हैं, जिससे डिमांड बढ़ने और प्राइस में स्थिरता आने की संभावना रहती है।


First Published – April 18, 2025 | 6:57 PM IST



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