![]()
नालंदा में प्राइवेट हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही 10वीं की छात्रा से यौन शोषण का मामला सामने आया है। हॉस्टल संचालक के बेटे पर छात्रा को डरा-धमका कर लगातार रेप करने का आरोप है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को आरोपी अनंत उर्फ सत्यांशु(30) को गिरफ्तार कर लिया है। धमकी देकर लंबे समय तक करता रहा शोषण पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, घटना 12 जनवरी की है। छात्रा ने बताया कि हॉस्टल में रहने के दौरान संचालक के बेटे ने उसके साथ रेप किया। आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी, जिससे सहमी हुई पीड़िता लंबे समय तक किसी से कुछ नहीं कह सकी। आरोप है कि पीड़िता की चुप्पी और डर का फायदा उठाकर लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। नोएडा जाकर खुली मामले की पोल छात्रा के मानसिक दबाव और व्यवहार में आए बदलाव को देखकर जब नोएडा में रह रही उसकी मां ने पूछताछ की, तो पीड़िता ने पूरी आपबीती सुना दी। बेटी की व्यथा सुनकर मां ने नोएडा में ही ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज कराई। मामला बिहार थाना क्षेत्र का होने के कारण इसे यहां स्थानांतरित किया गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया। प्रबंधन की भूमिका की भी जांच बिहार थानाध्यक्ष सम्राट दीपक ने बताया कि जीरो एफआईआर मिलते ही जांच शुरू कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरी घटना में हॉस्टल प्रबंधन की भी कोई लापरवाही है। यदि जांच में किसी अन्य की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ‘बच्चों की चुप्पी को पहचानना जरूरी’ इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिवक्ता तेजस्विता ने कहा कि यौन अपराधों के अधिकांश मामलों में पीड़ित बच्चे डर, धमकी और सामाजिक संकोच के कारण अपनी बात कह नहीं पाते। उन्होंने अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, उदासी, डर या तनाव जैसे संकेतों को गंभीरता से लें। स्कूल, हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों का यह दायित्व है कि वे बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करें। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत और संवेदनशील सुनवाई ही अपराधियों को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
Source link