
अगर आप स्मार्टफोन खरीदने वाले हैं तो आपके लिए खुशखबर है। 25,000 रुपए से कम कीमत वाले स्मार्टफोन्स पर GST घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने की सिफारिश की गई है, जबकि महंगे डिवाइसों पर 18 प्रतिशत की दर बरकरार रखी जा सकती है।
खबरों के मुताबिक किफायती स्मार्टफोन्स पर लागू वस्तु एवं सेवा कर (GST) ढांचे की समीक्षा की मांग की गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में लागू 18 प्रतिशत की समान GST दर अब भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में स्मार्टफोन की बदलती भूमिका को सही तरीके से नहीं दर्शाती।
रिचर्स के मुताबिक इस तरह की अलग-अलग कर संरचना से पहली बार फोन खरीदने वाले और कीमत के प्रति संवेदनशील उपभोक्ताओं के लिए स्मार्टफोन सस्ते हो सकते हैं। इससे सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’, वित्तीय समावेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के लक्ष्यों को भी समर्थन मिलेगा।
25,000 रुपए से कम कीमत वाला स्मार्टफोन सेगमेंट भारत की लगभग दो-तिहाई हैंडसेट शिपमेंट का प्रतिनिधित्व करता है। यह मुख्य रूप से पहली बार खरीदने वाले ग्राहकों, ग्रामीण परिवारों, महिलाओं, छात्रों और कम आय वर्ग के उपभोक्ताओं को लक्षित करता है। स्मार्टफोन को अब केवल वैकल्पिक उपभोक्ता वस्तु नहीं, बल्कि पहली डिजिटल पहुंच के रूप में देखा जाना चाहिए। साथ ही कहा गया कि भारत में स्मार्टफोन्स पर कई समान इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे अधिक अप्रत्यक्ष कर दरों में से एक लागू है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एंट्री-लेवल और प्रीमियम स्मार्टफोन्स पर एक ही GST दर लागू होने से डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने वाले वर्ग पर असमान रूप से बोझ पड़ता है। रिचर्स के मुताबिक लगभग 35 करोड़ भारतीय अभी भी फीचर फोन का उपयोग कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि किफायती कीमत डिजिटल भागीदारी में एक बड़ी बाधा बनी हुई है।