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बेगूसराय की ज्योति ने दिखाई मानवता की मिसाल दिनों से लापता मरीज को परिवार से मिलाया बदहवास हालत में भटक रहा था…




बेगूसराय में पिछले चार दिनों से लापता एक गंभीर मरीज को स्थानीय महिला की सतर्कता के कारण उसके परिवार से दोबारा मिला दिया गया। युवक की पहचान कुशेश्वरस्थान (दरभंगा) के रहने वाले मुकेश के रूप में हुई है। कई दिनों से सदर अस्पताल परिसर और आसपास भटक रहा था। अस्पताल से अचानक गायब हो गया था मुकेश परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार मुकेश अत्यधिक नशा करने के कारण गंभीर स्थिति में था, जिसके कारण उसे बेगूसराय के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह काफी समय से डॉ. शंभू कुमार की देखरेख में भी रहा था। लेकिन इसी बीच चार दिन पहले वह अचानक अस्पताल से कहीं लापता हो गया। जानकारी मिलने के बाद से परिवार के लोग उसकी खोज में दिन-रात एक किए हुए थे। लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। युवक के पैर में गंभीर रूप से जलने के निशान थे और उसकी मानसिक व शारीरिक स्थिति बेहद कमजोर दिख रही थी, जिससे उसके साथ किसी अनहोनी की आशंका बढ़ती जा रही थी। ज्योति ने दिखाई सूझबूझ मुकेश को बेगूसराय की रहने वाली ज्योति नामक महिला ने सदर अस्पताल में बदहवास स्थिति में देखा। ज्योति ने बताया कि युवक अस्पताल की ऊपरी मंजिल से नीचे आ रहा था और वह भागने की फिराक में लग रहा था। उसकी नाजुक हालत और पैरों में जख्म को देखकर आभास हो गया कि यह युवक रास्ता भटक गया है या किसी संकट में है। ज्योति ने युवक को रोका और उससे बात करने की कोशिश की। उसने उसके घरवालों का मोबाइल नंबर मांगा, तो एक नंबर मिला, जिस पर ज्योति ने तुरंत कॉल किया। फोन उठाने पर परिजनों ने रोते हुए बताया कि यह उनका बेटा है जो पिछले तीन-चार दिनों से लापता है, लोग उसे ढूंढ-ढूंढ कर परेशान हो चुके हैं। परिजनों ने ज्योति से गुहार लगाई कि किसी भी तरह उनके बेटे को रोककर रखें। एक घंटे तक रोका, कराया भोजन ज्योति ने करीब एक घंटे तक युवक की पूरी देखभाल की। उसने मानवता का परिचय देते हुए न केवल युवक को रोककर रखा, बल्कि उसके लिए नाश्ते और भोजन का भी प्रबंध किया। जब मुकेश के परिजन और अन्य लोग वहां पहुंचे, तो अपने खोए हुए बेटे को सुरक्षित देखकर उनकी आंखों में आंसू आ गए। इसके बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से, अत्यधिक कमजोर हो चुके मुकेश को सहारा देकर एक ई-रिक्शा में बैठाया गया। जिससे उसे दोबारा तुरंत अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराकर उसका इलाज शुरू कराया जा सके। इस घटना का वीडियो अब सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे गंभीर रूप से बीमार और पैर झुलसे युवक को लोग संभालकर गाड़ी में चढ़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने ज्योति के इस सराहनीय कार्य की जमकर प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि आज के दौर में जहां लोग राह चलते जरूरतमंदों की अनदेखी कर आगे बढ़ जाते हैं, वहीं ज्योति ने एक जिम्मेदार नागरिक और इंसान होने का सबसे बड़ा फर्ज निभाया है। ज्योति की इस सजगता ने न सिर्फ एक बीमार युवक की जान बचाई, बल्कि एक बिखरते हुए परिवार को उसकी खुशियां वापस लौटा दीं।



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