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सहरसा में बिहार सरकार के सात निश्चय–3 कार्यक्रम के अंतर्गत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए नई व्यवस्था शुरू की गई है। जिलाधिकारी ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों की दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बताया कि जिले के नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने और देरी से होने वाली असुविधा से निजात दिलाने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत, जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में प्रत्येक सप्ताह दो कार्यदिवस, सोमवार और शुक्रवार को, आम जनता की शिकायतों के निपटान के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इस निर्णय के अनुसार, ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालय कक्ष में उपस्थित रहेंगे। वे आम नागरिकों की समस्याएं सुनेंगे और प्राप्त शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। यदि किसी अपरिहार्य कारण से कोई अधिकारी निर्धारित दिन उपस्थित नहीं हो पाता है, तो वह अपने स्थान पर किसी अन्य सक्षम पदाधिकारी को अधिकृत करेगा। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक कार्यालयों का प्रभार है, वे सोमवार और शुक्रवार को अपनी सुविधानुसार समय निर्धारित कर सभी कार्यालयों में उपस्थित होकर आम नागरिकों से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही, सभी कार्यालयों में आम लोगों की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय और बैठने की समुचित व्यवस्था हो। प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों का विधिवत पंजी संधारण किया जाएगा तथा उनके निष्पादन की लगातार निगरानी और अनुश्रवण किया जाएगा, ताकि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। नगर आयुक्त, सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, परियोजना निदेशक, उप महाप्रबंधक, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, नगर कार्यपालक पदाधिकारी, थानाध्यक्ष और पंचायत स्तरीय पदाधिकारियों सहित सभी संबंधित अधिकारियों को 19 जनवरी 2026 से अनिवार्य रूप से इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से शासन और जनता के बीच संवाद मजबूत होगा, जिससे आम लोगों का जीवन वास्तव में आसान बन सकेगा।
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