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बेगूसराय सदर अस्पताल में इलाजरत गैंगरेप पीड़िता से मिलने आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष ऋषिकांत पहुंचे। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव-सह-अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य अस्पताल पहुंचे। जज ने पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। पूछा- इलाज में कोई कोताही तो नहीं हो रही बातचीत के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत ने पीड़िता और उनके परिजनों से आत्मीयता से पूछा कि उन्हें अस्पताल में किसी भी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है? क्या सदर अस्पताल के डॉक्टरों की ओर से उनके इलाज में कोई लापरवाही या कोताही बरती जा रही है। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और हर संभव कानूनी व विधिक सहायता का आश्वासन दिया। राहत- 3 लाख का वाउचर परिजनों को सौंपा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की ओर से कार्रवाई करते हुए पीड़िता के खाते में 3 लाख रुपए की अंतरिम राहत (इंटरिम रिलीफ) राशि ट्रांसफर की गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस राशि का वाउचर पीड़िता के परिजनों को सौंपा। परिजनों से बात करते हुए जज ऋषिकांत ने विशेष हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि इस 3 लाख रुपए का इस्तेमाल पीड़िता के पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन), बेहतर स्वास्थ्य और खान-पान के लिए किया जाना है। इस पैसे का किसी भी स्थिति में दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। इस दौरान प्रधान जिला जज ने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार और उनकी मेडिकल टीम को कड़े दिशा-निर्देश दिए। डिस्चार्ज करने से पहले DLSA को दें सूचना उन्होंने कहा कि पीड़िता के इलाज और देखभाल के लिए सर्वोत्तम व्यवस्था की जाए। पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) के लिए जिस भी चीज की आवश्यकता हो, उसकी तत्काल व्यवस्था की जाए। इलाज पूरा होने के बाद पीड़िता को डिस्चार्ज कर घर भेजने से पहले जिला विधिक सेवा प्राधिकार को अनिवार्य रूप से सूचित किया जाए। यदि कोई समस्या हो तो तुरंत सचिव से संपर्क करें। जज ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केस के जांच अधिकारी (IO) और थानाध्यक्ष को मामले की जांच में तेजी लाने और कार्रवाई करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर मौजूद सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार ने जज को आश्वस्त किया कि पीड़िता के इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। हर मेडिकल रिपोर्ट की दें जानकारी इस दौरान जज ने वहां उपस्थित डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि पीड़िता की हर छोटी-बड़ी मेडिकल रिपोर्ट और समुचित व्यवस्था की जानकारी लगातार DLSA को उपलब्ध कराई जाए। इस मौके पर डॉ. गोपाल मिश्रा, डॉ. ब्रजेश कुमार और सदर अस्पताल के मैनेजर पंकज कुमार सहित कई अन्य स्वास्थ्य कर्मी व विधिक सेवा से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।
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