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महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने नगर निगम क्षेत्र के ऐतिहासिक घरदान पोखरा (वार्ड 37) और बैराठ माई सर्व आस्था स्थल (वार्ड 36) पर चल रहे जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और सुविधा विस्तार कार्यों का निरीक्षण किया। नगर निगम इन स्थलों पर नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं को लेकर गंभीर है। निरीक्षण के दौरान, महापौर ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी योजना में लापरवाही या मानकों से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। संबंधित कनीय अभियंता को सभी कार्य मानक के अनुरूप कराने को कहा गया। महापौर ने घरदान पोखरा परिसर में लगे 20 और बैराठ माई परिसर में स्थापित 15 सीमेंटेड आराम बेंचों की बारीकी से जांच की। जांच में कुछ बेंच कमजोर और मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इस पर महापौर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी कमजोर बेंचों को तत्काल बदलने का निर्देश दिया। गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले सार्वजनिक स्थलों पर आने वाले लोगों की सुविधा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता, प्रकाश और सौंदर्यीकरण जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अधिकारियों को कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, महापौर ने नगर निगम के नव अधिग्रहित शहरी क्षेत्र बरवत परसराइन के विकास और सौंदर्यीकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नए क्षेत्रों का संतुलित विकास नगर निगम की प्राथमिकता है, ताकि वहां के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और सुंदर वातावरण मिल सके। महापौर के इस निरीक्षण से नगर निगम प्रशासन में गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर एक स्पष्ट संदेश गया है।
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