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श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। इसे लेकर खास तैयारी की जा रही है। अजगैबीनाथ धाम (सुल्तानगंज) और गंगा तट पर मोटिफ थीम लाइटिंग, लेजर शो, वाटर स्क्रीन शो, म्यूजिकल फाउंटेन और ड्रोन शो होगा। बिहार के शिव मंदिरों के थीम पर लेजर शो कराया जाएगा। इसका उद्देश्य बाबा धाम की पूरी यात्रा को शिवमय बनाना है। मुजफ्फरपुर के गरीबनाथ मंदिर से लेकर सीतामढ़ी के हलेश्वर स्थान तक की महत्ता को दिखाया जाएगा। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से एजेंसी के चयन के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। आधुनिक तकनीक और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम दिखेगा पर्यटन विभाग के जनसंपर्क पदाधिकारी रवि शंकर उपाध्याय ने बताया कि इस बार आधुनिक तकनीक और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम दिखेगा। वाॅटर लेजर शो के लिए पूरा सेटअप लगाना पड़ेगा। दूसरी बात यह भी है कि किसी नदियों में पानी है, किसी में नहीं है तो उस चैलेंज को भी देखना होगा। इसकी फीजिबिलिटी देखने के लिए एक टीम का गठन किया गया है। इसके लिए टेंडर निकल चुका है, एजेंसी तय होनी बाकी है। 30 जून तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा विशेष मोटिफ थीम लाइटिंग भी की जाएगी जिसमें भगवान शिव, त्रिशूल, डमरू, ओम, कांवर और गंगा से जुड़े प्रतीकों को आकर्षक रोशनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। ड्रोन एक साथ उड़कर आकाश में भगवान शिव, त्रिशूल का आकार बनाएंगे इस बार मेला क्षेत्र में लेजर शो और वॉटर स्क्रीन शो का आयोजन खास होगा। इसके तहत गंगा के किनारे पानी की विशाल स्क्रीन तैयार कर उस पर प्रकाश और लेजर तकनीक के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दिखाई जाएंगी। इसमें अजगैबीनाथ धाम के ऐतिहासिक महत्व, उत्तरवाहिनी गंगा की विशेषता, भगवान शिव की महिमा और अजगैबीनाथ धाम से देवघर तक की कांवर यात्रा को दृश्यात्मक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। दर्जनों ड्रोन एक साथ उड़ान भरकर आकाश में भगवान शिव, त्रिशूल, डमरू, हर-हर महादेव जैसे संदेशों की आकृतियां बनाएंगे।
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