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मोतिहारी पुलिस ने एक अहम गवाह की हत्या की योजना को विफल कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो सुपारी किलरों को देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपित पांच लाख रुपए की सुपारी लेकर गवाह की हत्या करने आए थे। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड जेल में बंद एक कुख्यात अपराधी बताया जा रहा है। चकिया डीएसपी संतोष सिंह ने बताया कि साल 2016 के चर्चित मुखिया माधोलाल सहनी गोलीकांड के एक अहम गवाह को निशाना बनाने की साजिश रची गई थी। गवाह की हत्या के लिए पांच लाख रुपए की सुपारी दी गई थी और शूटर वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। पुलिस की तत्परता और गुप्त सूचना के आधार पर समय रहते कार्रवाई कर इस बड़ी घटना को टाल दिया गया। गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने 2 संदिग्धों को किया गिरफ्तार टीम ने डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के पहल चौक के समीप छापेमारी कर दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर उनके पास से एक देसी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस की सख्ती से पूछताछ में दोनों आरोपितों ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों की पहचान डुमरियाघाट निवासी नीरज तिवारी और संग्रामपुर थाना क्षेत्र के भवानीपुर निवासी कुंदन ठाकुर उर्फ अवनीश ठाकुर के रूप में हुई है। दोनों ने कबूल किया कि पकड़ीदयाल थाना कांड संख्या 65/2016 के गवाह माधोलाल सहनी की हत्या के लिए उन्हें सुपारी दी गई थी। जेल के अंदर से मर्डर का रच रहा था साजिश पुलिस के अनुसार, इस साजिश का संचालन जेल के अंदर से किया जा रहा था। जेल में बंद अपराधी राणा सिंह ने ही इस हत्या की पूरी योजना बनाई थी। फिलहाल पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है और नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो एक बड़ी वारदात हो सकती थी।
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