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बक्सर में आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) धंसने के मामले में सियासत कम होने नाम नहीं ले रहा है।पक्ष विपक्ष का एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप बंद होने का नाम नहीं ले रहा है। सदर विधायक आनंद मिश्र ने पुल निर्माण और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला है। विधायक आनंद मिश्र ने पिछले 10 वर्षों में जिले में हुए सभी निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जांच हुई तो यह साफ हो जाएगा कि पुल निर्माण में इस्तेमाल होने वाला पैसा किसने खाया और कमीशन किसके पास गया। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आज आरओबी धंसने और सड़क-पुल की समस्याओं को लेकर राजनीति कर रहे हैं, उन्होंने निर्माण के दौरान कभी गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल नहीं उठाया। किसी एक व्यक्ति का नाम लेने से इनकार किया मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक आनंद मिश्र ने बताया कि बक्सर में कई ऐसे निर्माण कार्य हुए हैं जिनकी उपयोगिता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर पहले से पुल मौजूद होने के बावजूद नए पुलों की स्वीकृति दिलाई गई, जिससे कमीशनखोरी का संदेह पैदा होता है। विधायक ने कहा कि निष्पक्ष जांच से तथाकथित “अली बाबा और 40 चोर” सामने आ जाएंगे, हालांकि उन्होंने किसी एक व्यक्ति का नाम लेने से इनकार किया। आरओबी धंसने और शहर में बढ़ती यातायात समस्या को लेकर विधायक ने कहा कि प्रशासन लगातार समाधान निकालने में जुटा है। उन्होंने बताया कि आगामी 18 जून को वे डीआरएम से मुलाकात करेंगे और आम लोगों को हो रही परेशानियों को उनके सामने रखेंगे। स्कूल खुलने के बाद जाम की समस्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। बक्सर की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी – विधायक इसके अलावा विधायक ने जासो रोड के चौड़ीकरण और अन्य विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग विकास कार्यों में बाधा डालना चाहते हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अगले दो से तीन वर्षों में बक्सर की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। वहीं विधायक के इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि भाजपा विधायक को ऐसे बयान देने से पहले शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस पुल निर्माण को लेकर आज सवाल उठाए जा रहे हैं, उस समय भाजपा के ही वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष पथ निर्माण मंत्री थे और उन्हीं के विभाग की देखरेख में इस पुल का निर्माण शुरू कराया गया था। ऐसे में भाजपा अपने पुराने कार्यकाल की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी लड़ाई खुलकर सामने आई पंकज उपाध्याय ने आगे कहा कि विधायक यह कह रहे हैं कि उस समय कांग्रेस के विधायक थे, लेकिन सच्चाई यह है कि पुल नहीं गिरा है बल्कि उसका स्लैब धंसा है। उन्होंने दावा किया कि स्लैब ढालने का काम मौजूदा विधायक बनने के बाद शुरू हुआ है, इसलिए भाजपा पहले अपनी जिम्मेदारी तय करे और उसके बाद दूसरों पर आरोप लगाए। आरओबी धंसने की घटना को लेकर अब बक्सर में भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी लड़ाई खुलकर सामने आ गई है। दोनों दल एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं, जिससे यह मुद्दा अब सिर्फ निर्माण कार्य का नहीं बल्कि जिले की बड़ी राजनीतिक बहस बन चुका है।
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