
9) Khan Sir vs Roshan Anand Sir: बिहार में ‘खान सर’ (खान ग्लोबल स्टडीज) और रौशन आनंद की ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ के बीच उपजा कोचिंग विवाद अब एक बेहद संगीन और हिंसक मोड़ ले चुका है। पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुई तोड़-फोड़, पत्थरबाजी और फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद सर को अदालत से जमानत मिल गई है।
जेल से रिहा होने के बाद रौशन आनंद सीधे अपने भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सहरसा पहुंचे, जहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने फैजल खान (खान सर) पर बेहद सनसनीखेज और गंभीर आरोप लगाए हैं।
साजिश के तहत हुई भाई की हत्या: रौशन आनंद
रौशन आनंद ने अपने भाई की मौत को एक गहरी राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने आक्रोशित होते हुए कहा, “जब एक साजिश के तहत मेरे भाई की हत्या हुई, तब मैं जेल में था। किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आरएस प्रसाद और फैजल खान ने मिलकर मेरे भाई की हत्या की साजिश रची है। फैजल खान मेरी भी हत्या करवा सकता है, इसलिए मैं पटना पुलिस से अपने लिए सुरक्षा की मांग करता हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि फैजल खान पूरी तरह झूठा है, उसने खुद गोली चलवाई और सारा इल्जाम मुझ पर मढ़ दिया। इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि फैजल खान ने ही गोली चलाने का आदेश दिया था।
पटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
जेल से बाहर आए रौशन आनंद ने पटना पुलिस की भूमिका पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा, “बिना किसी गहन जांच के मुझे तुरंत क्यों गिरफ्तार कर लिया गया? जब फैजल खान के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और पटना पुलिस के पास उसे गिरफ्तार करने के लिए 48 से 72 घंटे का समय था, तो किस नेता के राजनीतिक दबाव में पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई?”
उन्होंने आरोप लगाया कि फैजल खान को बचाने के पीछे किसी बड़े राजनेता का हाथ है। रौशन आनंद ने दावा किया, “मुझे जेल में डलवाने के लिए उसने एक नेता को करोड़ों रुपये दिए हैं।” रौशन आनंद ने सरकार से दो प्रमुख मांगें की हैं- पहली, उनके भाई की मौत की CBI से निष्पक्ष जांच कराई जाए और दूसरी, फैजल खान व आरएस प्रसाद का नार्को टेस्ट कराया जाए।
नेपाल के होटल में हुई थी भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत
गौरतलब है, रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई थी। परिजनों का कहना है कि प्रिंस पूरी तरह से स्वस्थ थे, इसलिए अचानक उनकी मौत हो जाना एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है। परिवार ने इस मामले की भारत और नेपाल प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।