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लखीसराय बाइपास स्थित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की संरचनात्मक स्थिति गंभीर पाई गई है। इसके बाद जिला प्रशासन ने पुल की तत्काल मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की मांग की है। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग के सचिव को पत्र लिखकर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया है। आईआईटी पटना द्वारा कराए गए स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट में आरओबी के कई गर्डरों में ‘शियर क्रैक’ और ‘पॉट-पीटीएफई बेयरिंग’ में भारी क्षरण पाया गया है। वाहनों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से बंद कर दी है
विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने एहतियातन पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से बंद कर दी है। पुल के दोनों छोर पर हाइट गेज भी लगाए गए हैं, ताकि बड़े और भारी वाहन प्रवेश न कर सकें। भारी वाहनों के लिए प्रशासन ने एक नया डायवर्जन प्लान लागू किया है। पटना से मुंगेर जाने वाले वाहनों की आवाजाही सामान्य रहेगी। हालांकि, पटना और मोकामा से शेखपुरा या जमुई जाने वाले भारी वाहन अब मोकामा-बरबीघा मार्ग का उपयोग करेंगे। मुंगेर से शेखपुरा और जमुई जाने वाले वाहनों को सूर्यगढ़ा-सिकंदरा मार्ग से गुजरना होगा। शेखपुरा और जमुई से पटना या मुंगेर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। स्पीड ब्रेकर निर्माण का प्रस्ताव भी दिया प्रशासन ने मुख्य बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ‘नो-एंट्री’ हटने के बाद भारी वाहनों को विद्यापीठ चौक से जमुई मोड़ तक दोनों दिशाओं में एक-एक घंटे के अंतराल पर बारी-बारी से निकाला जा रहा है। रेलवे स्टेशन और मुख्य बाजार शहर के मध्य स्थित होने के कारण देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, पुलिस प्रशासन ने शहर के आठ संवेदनशील स्थलों पर स्पीड ब्रेकर निर्माण का प्रस्ताव भी दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आरओबी की मरम्मत पूरी होने तक वर्तमान डायवर्जन व्यवस्था और गति नियंत्रण संबंधी सभी नियम प्रभावी रहेंगे।
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