
Jaspal Rana Last Rites: निशानेबाजी में दिग्गज जसपाल राणा का अंतिम संस्कार आज वाराणसी में किया जाएगा। उनका पार्थिव शरीर देहरादून से चार्टर्ड प्लेन से वाराणसी ले जाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए बड़ा सदमा है। उत्तरकाशी के रहने वाले राणा ने निशानेबाजी को देश में नई पहचान दिलाई, उन्होंने खिलाड़ी और कोच दोनों भूमिकाओं में बड़ा योगदान दिया।
1994 के राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया। एशियाई खेलों में 4 स्वर्ण, राष्ट्रमंडल खेलों में 9 स्वर्ण समेत कुल दर्जनों पदक जीते। दोहा एशियाई खेल 2006 में बीमारी के बावजूद तीन स्वर्ण पदक जीतना उनकी जुझारू स्पिरिट का सबसे बड़ा उदाहरण था।
खिलाड़ी के बाद कोच बनकर राणा ने मनु भाकर, सौरभ चौधरी और चिंकी यादव जैसे स्टार्स को तैयार किया। मनु भाकर की पेरिस ओलंपिक सफलता को उनकी कोचिंग विरासत का बड़ा प्रमाण माना जाता है। उन्होंने हमेशा युवा निशानेबाजों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रपति, PM समेत खिलाड़ियों ने जताया शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है। ओलंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि राणा ने भारतीय शूटिंग को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय निशानेबाजी संघ (NRAI) के अध्यक्ष कलिकेश सिंह देव ने कहा कि पूरा निशानेबाज समुदाय इस खबर से स्तब्ध है। जसपाल राणा का जाना सिर्फ एक खिलाड़ी का जाना नहीं, बल्कि भारतीय खेल इतिहास के एक सुनहरे अध्याय का समापन है। उनकी यादें और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी को हमेशा प्रेरणा देती रहेंगी।