
TMC Split: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। विधायकों के बाद अब सांसद में टूट तय मानी जा रही है। शुक्रवार, 12 जून को TMC से बागी हुए 19 सांसदों का लेटर शुक्रवार को सामने आया। बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलकर पार्टी के ‘असली TMC’ संसदीय समूह के तौर पर मान्यता की मांग पाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच सोमवार (15 जून) का दिन अहम होने वाला है। बागी सांसद सोमवार को स्पीकर के पास जाएंगे और असली TMC संसदीय समूह बनाने का अपना दावा पेश करेंगे। इससे पहले बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की बागी सांसदों के साथ एक अहम बैठक भी होगी।
TMC में जारी उथल-पुथल के बीच सुवेंदु अधिकारी फिर दिल्ली आ रहे हैं। वह रविवार (14 जून) को राजधानी पहुंचेंगे। जानकारी के अनुसार दिल्ली पहुंचते ही सुवेंदु बागी तृणमूल कांग्रेस सांसदों के साथ एक बड़ी बैठक करेंगे।
ANI से बात करते हुए, बागी TMC सांसद जगदीश बसुनिया ने खुद इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी लोकसभा अध्यक्ष के साथ बागी टीएमसी सांसदों की बैठक से पहले, दिल्ली में उनसे मुलाकात करेंगे।
उन्होंने कहा, “हमें लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के लिए सोमवार (15 जून) की तारीख दी गई है। सभी बागी सांसद उनसे मिलने जाएंगे, वे सभी कल दिल्ली आ रहे हैं। रविवार (14 जून) को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ सभी सांसदों की बैठक होगी और फिर हम सोमवार को अध्यक्ष से मिलेंगे… उनमें 19 सांसद शामिल होंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बात की। हो सकता है कि वह भी हमारे साथ आ जाएं।
TMC के लिए यह सबसे बड़ी संकट की घड़ी है। विधानसभा में पहले ही 80 MLAs में से करीब 58-60 बागी हो चुके हैं, जिन्होंने अलग गुट बनाया। अब लोकसभा में भी पार्टी का संसदीय दल टूटने की कगार पर है। बागी सांसदों का नेतृत्व काकोली घोष दस्तीदार जैसे वरिष्ठ नेताओं के हाथ में है और वे लोकसभा स्पीकर से “रियल TMC” का दर्जा मांगने वाले हैं। वहीं, राज्यसभा में भी TMC के एक के बाद एक कई सांसद इस्तीफा दे रहे हैं।
ममता इस वक्त अपने राजनीतिक इतिहास के सबसे बड़े संकट से जूझ रही हैं। 2026 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की भारी जीत और सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) न सिर्फ सत्ता से बेदखल हुई है, बल्कि अब पार्टी के अंदरूनी कलह ने उसे टुकड़ों में बांटने की कगार पर ला खड़ा किया है।
ऐसे में आने वाले कुछ घंटे ममता बनर्जी के लिए बहुत भारी होने वाले हैं। सुवेंदु अधिकारी खुद रविवार को दिल्ली आ रहे हैं और बागी सांसदों ने भी अपना पूरा प्लान तैयार कर लिया है। अब देखना होगा कि ममता बनर्जी पार्टी बचाने के लिए कोई आखिरी दांव चल पाती हैं या फिर अपनी मेहनत से खड़ी की गई पार्टी को टूटते हुए देखना पड़ता है।