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दरभंगा में बुधवार को नाव हादसा हुआ। इसके दूसरे दिन आज बचाव दल ने लापता महिला अमीरा देवी का शव नदी से बरामद कर लिया गया। घटना किरतपुर प्रखंड के जमालपुर थाना क्षेत्र स्थित तरवाड़ा घाट के पास सहायक कोसी नदी की है। हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। वहीं, हादसे में लापता 11 साल की बच्ची नेहा कुमारी की तलाश अब भी जारी है। जमालपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि नाव दुर्घटना के बाद तीन लोगों- कंचन देवी, अमीरा देवी और नेहा कुमारी के लापता होने की सूचना मिली थी। घटना वाले दिन बुधवार को ही प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों के प्रयास से 7 किलोमीटर दूर कंचन देवी का शव बरामद कर लिया गया था। गुरुवार को दुर्घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर दूसरी लापता महिला अमीरा देवी का शव भी पानी से निकाल लिया गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। अमीरा देवी की शादी करीब डेढ़ साल पहले हुई थी और वह चार महीने की गर्भवती थीं। प्रशासन का कहना है कि जब तक बच्ची का पता नहीं चल जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि कंचन देवी का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा, जहां उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके पति दिल्ली में मजदूरी करते हैं और घटना की सूचना मिलने पर फ्लाइट से दरभंगा पहुंचे, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। बुधवार सुबह किरतपुर प्रखंड के तरवाड़ा गांव के ग्रामीण रोज की तरह नाव से नदी पार कर अपने खेतों में मूंग तोड़ने और कृषि काम करने जा रहे थे। लगभग दस हाथ लंबी नाव पर सात महिलाएं और तीन बच्चे समेत कुल 10 लोग सवार थे। सात लोगों को सुरक्षित बचाया नदी में पानी का बहाव काफी तेज था। बीच धारा में पहुंचते ही नाव का संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई। नाव पलटते ही सभी लोग नदी की तेज धारा में बहने लगे। घटना के समय मौके पर मौजूद आपदा मित्र रविन्द्र कुमार ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। उनके प्रयास से सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बेटे को बचाकर खुद बह गई मां हादसे की सबसे मार्मिक कहानी कंचन देवी की रही। थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के अनुसार कंचन देवी स्वयं नाव चलाने में दक्ष थीं और रोजाना नदी पार कर खेती का काम करती थीं। नाव डूबने के दौरान उन्होंने अपने बेटे को बचाने के लिए उसे नदी किनारे की ओर धकेल दिया, जिससे उसकी जान बच गई। लेकिन वह स्वयं तेज धारा में बह गईं और उनकी मौत हो गई। कंचन देवी अपने पीछे दो बेटे—12 साल के पंकज कुमार और 10 साल के प्रियांशु कुमार को छोड़ गई हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ शशांक राज, एसडीपीओ प्रभाकर कुमार तिवारी, सीओ आशुतोष सन्नी और जमालपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे। एसडीओ के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया और लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल पूरे तरवाड़ा और आसपास के गांवों में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम नेहा कुमारी की तलाश में लगातार जुटी हुई है और ग्रामीण उसकी सकुशल बरामदगी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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