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पटना में लोन दिलाने, एटीएम पिन जनरेट कराने, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम कराने के नाम पर लोगों को ठगने वाले साइबर गिरोह का पटना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। CCSU की साइबर टीम और साइबर थाना की संयुक्त कार्रवाई में दो पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया गया है। बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि बनकर की ठगी पुलिस ने यह कार्रवाई नवनीत नगर, रानीपुर मेहंदीगंज और अशोक नगर वार्ड-11, कंकड़बाग इलाके में की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें झांसे में लेकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। 400 से अधिक शिकायतें मिलीं साइबर DYSP नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि तकनीकी जांच के दौरान आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर कई शिकायतें दर्ज मिली हैं। इसके अलावा देश के कई राज्यों से 400 से अधिक मामलों की जानकारी सामने आई है। उन्होंने बताया कि जांच में दो अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित साइबर अपराध गिरोह है, जो सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाता था। नालंदा और पटना के रहने वाले हैं आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव राज, सपना कुमारी और निखिल कुमार (20 वर्ष) के रूप में हुई है। इनमें गौरव राज और सपना कुमारी नालंदा जिले के हाजीपुर क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जबकि निखिल कुमार पटना के कंकड़बाग का निवासी है। न्यायिक हिरासत में भेजे गए पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, उनकी निशानदेही पर फरार साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। साइबर थाना की टीम जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है, ताकि ठगी के नेटवर्क और पीड़ितों की संख्या का पता लगाया जा सके।
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