
Maulana Shahabuddin Razvi Controversy: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने एक बार फिर अपने बयान से सुर्खियां बटोर ली है। उन्होंने अब मुसलमानों से अपील करते हुए कहा है कि मुसलमानों का पतंग उड़ाना शरीयत की नजर में हराम है। उन्होंने हिन्दुओं के पवित्र त्योहार मकर संक्रांति पर पतंगबाजी को लेकर कहा कि मकर संक्रांति के त्योहार पर बहुत लोग पतंग उड़ा रहे हैं, लेकिन मुसलमान इससे बचे।
‘पतंगबाजी किसी भी तरीके से नहीं करनी चाहिए’
बरेलवी ने मकर संक्रांति पर पतंगबाजी को लेकर कहा कि मकर संक्रांति के मौके पर बहुत जगह लोग पतंग उड़ाते हैं और पतंगबाजी का शौक रखते हैं। खास तौर पर गुजरात के अहमदाबाद में लोग खूब पतंगबाजी करते हैं, उनका शौक है.. हमें किसी के शौक से कोई एतराज नहीं है लोग खूब शौक करें।
बरेलवी ने आगे कहा कि मगर मुझे मसला पूछा गया है की शरीयत की रोशनी में पतंगबाजी कैसा है? तो मैं बता दूं कि यह लाहिबोलैब है.. शरीयत की नजर में पतंग बाजी करना नाजायज है, पतंगबाजी किसी भी तरीके से नहीं करनी चाहिए। बरेलवी ने मुसलमानों को आगाह किया कि पतंग बनाना, पतंग उड़ाना, यह तमाम चीजें शरीयत की रोशनी में नाजायज है इससे मुसलमान बचें।
हज कमेटी में हिंदू CEO की नियुक्ति पर भड़के मौलाना
वहीं, महाराष्ट्र सरकार के हज कमेटी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हिंदू को नियुक्त किए जाने पर शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कड़ा एतराज जताया। मौलाना रज़वी ने कहा कि हज इस्लाम धर्म का एक अहम धार्मिक कर्तव्य है और इसे केवल वही व्यक्ति बेहतर तरीके से संचालित कर सकता है जिसे इस्लाम धर्म का ज्ञान हो।
देश में पहली बार गैर-मुस्लिम हज कमेटी का CEO
मौलाना ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय के अंतर्गत हज कमेटी एक अलग संस्था है और हर राज्य में हज कमेटियां हैं। देश के इतिहास में पहली बार किसी गैर-मुस्लिम को हज कमेटी का CEO बनाया गया है, जो धार्मिक दृष्टि से सही नहीं है। मौलाना ने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र सरकार में कई मुस्लिम अधिकारी मौजूद हैं, और इनमें से किसी योग्य व्यक्ति को ही यह जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार का उद्देश्य यह था कि मुसलमानों के धार्मिक मामलों में सरकारी हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जाए, तो यह कदम और भी चिंताजनक है। मौलाना ने सरकार से मांग की कि नियुक्त किए गए हिंदू CEO को तत्काल हटाया जाए, क्योंकि गैर-मुस्लिम को हज जैसे धार्मिक कार्यों और व्यवस्थाओं की सही समझ नहीं हो सकती। मौलाना रजवी ने स्पष्ट किया कि हज केवल मुसलमानों का धार्मिक कर्तव्य है और ऐसे मामलों में सरकार को मुस्लिम समुदाय के विश्वास और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।
हज कमेटी का सीईओ गैर मुस्लिम.. मंजूर नहीं
मौलाना ने कहा कि सरकार धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही है। हज कमेटी का सीईओ किसी मुसलमान को बनाया जाए। गैर मुस्लिम मंजूर नहीं है। मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि हरिद्वार में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को खत्म करने की साजिश हो रही है। उन्होंने हर की पौड़ी पर गैर-हिंदुओं के आने पर चिंता जताई और इसे बड़ा मुद्दा बताया।