
DMK ने 8 जून को दिल्ली में होने वाली INDI गठबंधन की बैठक में शामिल न होने का ऐलान किया है। पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी है।
पार्टी का कहना है कि उसके अन्य सहयोगी INDI की बैठक में शामिल होंगे। DMK ने यह भी कहा कि उसने ये फैसला इसलिए किया है, क्योंकि कांग्रेस INDI गठबंधन का हिस्सा है।
यह विवाद कांग्रेस के उस फैसले के बाद सामने आया है, जिसमें उसने DMK की लंबे समय से सहयोगी होने के बावजूद, तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए अभिनेता विजय की पार्टी TVK का समर्थन करने का फैसला किया। इस कदम से DMK नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
उन्होंने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस पर “विश्वासघात” और “पीठ में छुरा घोंपने” का आरोप लगाया, और तर्क दिया कि पार्टी ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए दशकों पुरानी साझेदारी को छोड़ दिया।
इस दरार का असर संसद में भी दिखने लगा है। DMK सांसद कनिमोझी ने हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर DMK सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कांग्रेस से अलग होने के बाद बदले हुए राजनीतिक हालात का हवाला दिया। यह कदम INDI गठबंधन के अंदर बड़ी टूट की पहली झलक थी।