
Malviya Nagar Fire: दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड मामले में अब जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। इस केस में मुख्य आरोपी और होटल के मालिक लवकेश बजाज को दिल्ली पुलिस ने साकेत कोर्ट में पेश किया। पेशी के बाद कोर्ट ने उसे 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि इस कांड में जांच के लिए समय की जरूरत है। खासतौर पर इस मामले में होटल के जुड़े सभी पहलू, दस्तावेजों और जानकारियों को जुटाने के लिए समय चाहिए।
बुधवार, सुबह 8:45 के करीब मालवीय नगर के ‘फ्लरिश स्टे’ होटल और रेस्टोरेंट में आग लगने से अग्निकांड में 21 लोगों को मौत हो गई थी। मरने वालों में से अधिकतर विदेशी नागरिक बताए गए। वहीं, इससे पहले आरोपी के खिलाफ LoC (लुक आउट सर्कुलर) जारी कर दिया था, जिसके बाद बुधवार को रात में लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आज उन्हें कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा दिया है।
मालवीय नगर अग्निकांड में जांच के दौरान सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ, जब मालूम चला कि आरोपी के पास सिर्फ 6 कमरों का लाइसेंस था, जबकि इमारत में 25 कमरे चलाए जा रहे थे। इस खुलासे ने सभी को चौंका दिया कि होटल चलाना जानबूझकर लोगों की जान जोखिम में डालना था।
इस मामले में एक और गंभीर मामला सामने आया जब जांच के बाद मालूम चला कि होटल के पास फायर सेफ्टी का No Objection Certificate (NOC) ही नहीं था। दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की कि ग्राउंड फ्लोर पर रेस्टोरेंट चलाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन रेस्टोरेंट चल रहा था, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक था।
इस अग्निकांड के पूरे देश को हिलाकर रख दिया। फिलहाल, आरोपी मालिक से इस मामले में पूछताछ जारी है, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में से सवाल उठता है कि इस तरह के हादसों का जिम्मेदार कौन है? क्या दिल्ली जैसी जगहों पर फायर सेफ्टी को ताक पर रखकर होटल्स चलाए जा रहे हैं?