Newswahni

गयाजी में निजी रास्ते पर अवैध निर्माण का आरोप लोको पायलट की पत्नी बोलीं के आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं पक्षपात हो रहा…




गया के बोधगया प्रखंड के मोचारीम गांव में भूमि और रास्ते का विवाद सामने आया है। रेलवे लोको पायलट सिकंदर मेहता के परिवार ने बोधगया अंचलाधिकारी (सीओ) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि जिलाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के आदेश के बावजूद उनके निजी रास्ते पर कथित अवैध निर्माण जारी है। पीड़ित परिवार की सदस्य आरूणी कुमारी, जो सिकंदर मेहता की पत्नी हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने गांव में 4 डिसमिल जमीन खरीदी थी। इस जमीन तक पहुंचने के लिए 5 फीट चौड़ा रास्ता भी खरीदा गया था, जिसका उल्लेख भूमि के बिक्री दस्तावेज (केवाला) में स्पष्ट रूप से दर्ज है। विरोध करने पर नहीं रुका निर्माण का काम इसके बावजूद, पड़ोसी सुमन देवी और उनके पति उमेश यादव पर आरोप है कि वे उस 5 फीट चौड़े रास्ते पर अवैध निर्माण काम करा रहे हैं। आरूणी कुमारी का कहना है कि यह रास्ता उनकी निजी संपत्ति का हिस्सा है। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने बार-बार विरोध किया, लेकिन निर्माण काम नहीं रुका। उन्होंने पहले स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी और एसडीओ को लिखित आवेदन देकर न्याय की मांग की। उच्च अधिकारियों ने मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि, आरूणी कुमारी का आरोप है कि बोधगया सीओ की ओर से केवल मौखिक रूप से नापी करवाई गई और अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी की जा रही है और अंचलाधिकारी की ओर से एक पक्षीय रवैया अपनाया जा रहा है। परिवार का आवागमन प्रभावित हो रहा पीड़िता ने बताया कि विवादित भूमि बोधगया थाना क्षेत्र के मोचारीम मौजा, हल्का मोचारीम, खाता संख्या 323 और प्लॉट संख्या 3390 से संबंधित है। उनका कहना है कि खरीदे गए रास्ते पर अवैध निर्माण होने से उनके परिवार का आवागमन प्रभावित हो रहा है और भविष्य में और भी बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। पीड़िता आरूणी कुमारी का आरोप है कि जब उन्होंने निर्माण काम का विरोध किया तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। इस कारण पूरा परिवार भय और तनाव के माहौल में रह रहा है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पीड़िता आरूणी कुमारी ने कहा कि उनके पति सिकंदर मेहता भारतीय रेलवे में लोको पायलट हैं और रोजाना हजारों यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं। भूमि विवाद और लगातार मिल रही धमकियों के कारण वह मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई लोको पायलट मानसिक दबाव में रहेगा तो इसका असर उसके काम पर पड़ सकता है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान निकालना चाहिए। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन, राज्य सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, विवादित रास्ते पर हो रहे निर्माण काम को तत्काल रोका जाए और सरकारी आदेशों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे न्याय के लिए आगे भी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। सीओ चंद्रशेखर कुमार का कहना है कि जो भी आरोप लगाया गया है, अगर वह गलत है। तो उचित कार्रवाई की जाएगी। अमीन की ओर से कल ही नापी कराई गई है। रिपोर्ट बनाकर सबमिट कर दी जायगी।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🏠
Home
🎬
मनोरंजन
💰
धन
🌦️
मौसम
📢
Latest News
×
Scroll to Top