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बिहार के 19 जिलों के लिए आज बारिश का यलो अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। बिजली गिरने की भी आशंका है। हालांकि ये राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जून के पहले सप्ताह में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। पटना समेत कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में एक बार फिर से उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में बारिश हो सकती है। राज्य के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मेघगर्जन, बिजली गिरने और तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है। बिहार में प्री-मानसून का दौर मौसम विभाग का कहना है कि बिहार इस समय प्री-मानसून के दौर से गुजर रहा है। इसी कारण दिन में तेज गर्मी और शाम के समय अचानक बादल, तेज हवा और बारिश जैसी स्थिति देखने को मिल रही हैं। अब आगे की स्थिति मानसून की प्रगति और बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसमी प्रणालियों पर निर्भर करेगी। 3 जिलों से मौसम की तस्वीरें… ग्रीन जोन में मिथिलांचल-सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिले मौमस विभाग के अनुसार मिथिलांचल, सीमांचल और पूर्वी बिहार के अधिकांश जिले फिलहाल ग्रीन जोन में हैं। दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया समेत कई जिलों में फिलहाल किसी तरह की विशेष चेतावनी नहीं है। हालांकि स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश या बादल छाने की स्थिति बन सकती है। 15 जून को बिहार पहुंचेगा मानसून मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून अगले 7 दिनों में केरल पहुंच सकता है। इसके लगभग एक सप्ताह बाद यानी 15 जून के आसपास बिहार में मानसून के प्रवेश करने की संभावना है। हालांकि, विभाग ने इस वर्ष मानसून के सामान्य से कमजोर रहने का अनुमान भी जताया है। बिहार में सामान्य बारिश होने की संभावना है, लेकिन देश के कई अन्य हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। विशेष सावधानी की अपील मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि मेघगर्जन या आकाशीय बिजली चमके तो खुले मैदान, खेत, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। किसान मौसम खराब होने की स्थिति में खेतों में काम न करें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
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