![]()
औरंगाबाद के कासमा थाना के SHO और चौकीदार को लोगों ने हटाने की मांग की है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने दवा कारोबारी सुधीर गुप्ता और उनकी मां के साथ मारपीट की है। कथित मारपीट के विरोध में पूरे कासमा बाजार को बंद कर दिया गया। व्यापारियों, ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप है कि कासमा थाना के चौकीदार बनवारी पासवान ने दवा कारोबारी सुधीर गुप्ता पर एक्सपायरी दवा देने का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की थी। लोगों ने कहा- दवा एक्सपायर नहीं थी, चौकीदार ने दंबगई दिखाते हुए मारपीट की स्थानीय लोगों का कहना है कि दवा एक्सपायर नहीं थी, इसके बावजूद चौकीदार ने दबंगई दिखाते हुए दुकानदार को पीटा। इतना ही नहीं, विरोध करने पर दुकानदार की मां के साथ भी मारपीट की गई। लोगों का आरोप है कि बाद में थाना के एक दारोगा ने दुकानदार को जबरन पकड़कर थाना ले गया। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। नाराज व्यवसायियों ने पूरे बाजार को बंद कर दिया। सुबह से ही कासमा बाजार की सभी दुकानें बंद रहीं और बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना था कि पुलिस की ओर से आम नागरिकों के साथ इस तरह का व्यवहार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विरोध-प्रदर्शन के कारण 6 घंटे तक बंद रहा कासमा बाजार ग्रामीणों ने चौकीदार बनवारी पासवान के साथ-साथ थानाध्यक्ष अक्षयवर सिंह, पुलिसकर्मी नवीन सिंह और अरुण सिंह को भी हटाने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना था कि फुटेज सामने आने के बाद “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। स्थानीय व्यवसायी महफूज आलम ने कहा कि ये बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चौकीदार बनवारी पासवान पहले भी कई लोगों के साथ मारपीट कर चुका है। महिला के साथ मारपीट की घटना को उन्होंने निंदनीय बताया। उनका कहना था कि पुलिसकर्मियों की ओर से अक्सर लोगों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की शिकायतें मिलती रहती हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वहीं, ऑल इंडिया केमिस्ट एसोसिएशन से जुड़े ज्ञान दत्त पांडे ने आरोप लगाया कि दवा व्यवसायी के साथ मारपीट करने के बाद उल्टे उसे एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस के आतंक से सिर्फ दुकानदार ही नहीं बल्कि आम ग्रामीण भी परेशान हैं। यही वजह है कि सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर बाजार बंद रखा गया। उन्होंने चौकीदार पर रंगदारी मांगने और सामान लेकर पैसे नहीं देने का भी आरोप लगाया। एसडीपीओ ने दिया कार्रवाई का आश्वासन प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि जब तक चौकीदार और थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने मामले से संबंधित हस्ताक्षरयुक्त आवेदन एसडीपीओ को सौंपा है। घटना की सूचना मिलने पर आदित्य कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने तीन दिनों के अंदर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी देर तक बातचीत और कार्रवाई के भरोसे के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ, जिसके बाद धीरे-धीरे बाजार की दुकानें खुलनी शुरू हुईं।
Source link