
केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किया है। बदलाव के बाद नए नियम के तहत अब भारतीय नागरिकता पाने की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आने वाले नागरिकों के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।
गृह मंत्रालय (MHA) ने सोमवार को ‘नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026’ का नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया। नए नियम के मुताबिक, अब पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आने वाले हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध और पारसी समुदाय के लोगों को यह बताना होगा कि उनके पास इन देशों का कोई वैध या एक्सपायर्ड पासपोर्ट है या नहीं।
15 दिनों के अंदर सरेंडर करना होगा पासपोर्ट
अगर पासपोर्ट है तो उसकी पूरी डिटेल्स देनी होंगी और भारतीय नागरिकता लेने के लिए 15 दिनों के अंदर उसे सरेंडर करना अनिवार्य होगा। अधिकारियों के मुताबिक, हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए थे, जिनमें कुछ आवेदकों के पास पुराने या अमान्य विदेशी पासपोर्ट पाए गए हैं। भारतीय कानून के तहत दोहरी नागरिकता और दो पासपोर्ट रखने की अनुमति नहीं है।
नया नियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी हो जाएगा। गृह मंत्रालय ने बताया है कि इसका उद्देश्य नागरिकता संबंधी मामलों में सत्यापन (वेरिफिकेशन) और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया को मजबूत करना है, ताकि कोई भी गड़बड़ी या दोहरी नागरिकता जैसी स्थिति न बन सके।