
NEET UG Paper Leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET UG) पेपर लीक मामले में CBI को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने रेणुकाई करियर सेंटर (आरसीसी) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को 9 दिनों की CBI हिरासत में भेज दिया है। हालांकि CBI ने कोर्ट से 10 दिनों की रिमांड मांगी थी, ताकि इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
मोबाइल से मिला लीक प्रश्न पत्र
CBI ने यह बड़ी कार्रवाई मोटेगांवकर को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार करने के बाद की है। CBI ने मोटेगांवकर के आवास पर छापेमारी की थी, जहां उसके मोबाइल फोन से NEET UG परीक्षा का लीक प्रश्न पत्र बरामद हुआ।
जांच एजेंसी का आरोप है कि मोटेगांवकर प्रश्न पत्र लीक करने और उसे प्रसारित करने वाले संगठित गिरोह का एक बेहद सक्रिय सदस्य है। इसलिए, गिरफ्तारी से पहले CBI ने उससे करीब 8 घंटे तक कड़ी पूछताछ की थी।
परीक्षा से 10 दिन पहले ही लीक हो गया था पेपर
CBI द्वारा कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसमें बताया गया कि मोटेगांवकर और इस गिरोह के अन्य आरोपियों को परीक्षा शुरू होने से करीब 10 दिन पहले, यानी 23 अप्रैल को ही प्रश्न पत्र और उसके उत्तर मिल चुके थे।
आरोप है कि मोटेगांवकर ने लीक हुए प्रश्न पत्रों और उत्तरों की कॉपियां छात्रों को हस्तलिखित (Handwritten) नोट्स के रूप में दी थीं। परीक्षा खत्म होते ही इन नोट्स को नष्ट कर दिया गया ताकि कोई सबूत न बचे।
CBI अब जब्त किए गए मोबाइल फोन को फोरेंसिक विश्लेषण (FSL) के लिए भेजेगी, ताकि डिलीट किए गए डेटा और चैट्स को रिकवर किया जा सके।
अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार
नीट पेपर लीक मामले में CBI अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मोटेगांवकर से पहले इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य चेहरों को दबोचा गया है। इसमें केमिस्ट्री के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी, बायोलॉजी के लेक्चरर मनीषा मंधारे और मनीषा वाघमारे, जो बाकी दो शिक्षकों के बीच की कड़ी थी।
हालांकि, वाघमारे फिलहाल CBI की हिरासत में है। इन शिक्षकों ने वाघमारे के जरिए छात्रों को परीक्षा से पहले ‘विशेष सत्रों’ (Special Sessions) में बुलाकर पेपर रटवाने का जाल बुना था।