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मुंगेर-मिर्जाचौकी के बीच निर्माणाधीन फोरलेन सड़क परियोजना में बाधा बन रही 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन को आखिरकार ऊंचा कर दिया गया है। सड़क के ऊपर से गुजर रही यह हाई वोल्टेज लाइन पहले काफी नीचे थी, जिससे भविष्य में बड़े वाहनों के लिए खतरा पैदा हो सकता था। इसी सुरक्षा चिंता को ध्यान में रखते हुए, निर्माण एजेंसी ने ट्रांसमिशन टावर को हटाकर लाइन को लगभग 15 फीट ऊपर उठाकर सुरक्षित कर दिया है। अब इस मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन के दौरान दुर्घटना की आशंका काफी कम हो जाएगी। निर्माण कार्य में जुटी एजेंसी के इंजीनियर मो. अरशद खान ने बताया कि तारों को मजबूती से 15 फीट ऊपर उठाया गया है। परियोजना को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि जब तक सड़क का निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक वे सहयोग करें और कार्य में लगे मजदूरों एवं अधिकारियों को बाधित न करें। इससे परियोजना को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह सड़क अभी आम जनता के लिए पूरी तरह से चालू नहीं की गई है। फिलहाल इसका उपयोग केवल निर्माण कार्य में लगे वाहनों के लिए किया जा रहा है। इसके बावजूद कई वाहन चालक मनमाने तरीके से इस रास्ते का उपयोग कर रहे हैं, जिससे कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ही सड़क को अस्थायी रूप से बंद किया गया था और तार को ऊंचा करने के बाद ही यातायात बहाल किया गया है। पहले चरण में दो ट्रांसमिशन टावरों को हटाया गया जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के तहत पहले चरण में दो ट्रांसमिशन टावरों को हटाया गया है। इस कार्य में निर्माण एजेंसी के साथ एनएचआई और विद्युत विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल थे। करीब 50 से अधिक मजदूरों की मदद से इस जटिल कार्य को अंजाम दिया गया। इसके लिए हाइड्रोलिक मशीन, क्रेन और ट्रैक्टर जैसे भारी उपकरणों का भी उपयोग किया गया। इंजीनियरों ने बताया कि पुराने नक्शे के अनुसार ट्रांसमिशन लाइन सड़क के ऊपर काफी नीचे थी, जिसे अब संशोधित कर सुरक्षित ऊंचाई पर स्थापित किया गया है। मुंगेर सीमा में 20 ट्रांसमिशन टावरों को किया जाएगा शिफ्ट मुंगेर जिले की सीमा में बनने वाली इस फोरलेन सड़क की लंबाई लगभग 26 किलोमीटर है, जिसमें से करीब 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि कई स्थानों पर 400 केवी और 1.33 लाख वोल्ट की ट्रांसमिशन लाइनें निर्माण कार्य में बाधा बन रही हैं। ऐसे में निर्माण एजेंसी ने तय किया है कि जिले की सीमा में पड़ने वाले लगभग 20 ट्रांसमिशन टावरों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इन बाधाओं को दूर कर परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया का रहा है।
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