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सहरसा सदर अस्पताल बनेगा मेडिकल कॉलेज विधायक ने स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा कर तेज की तैयारी…




सहरसा की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सदर अस्पताल को प्रस्तावित सरकारी मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में शुक्रवार को कोविड हॉस्पिटल के सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता विधायक इंजिनियर आईपी. गुप्ता ने की। बैठक में सिविल सर्जन, प्रभारी उपाधीक्षक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। स्वास्थ्य व्यवस्था की गहन समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले की मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा करना और सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में तब्दील करने की संभावनाओं पर गंभीर मंथन करना था। विधायक आईपी. गुप्ता ने बैठक के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका उद्देश्य किसी पर दबाव बनाना नहीं है, बल्कि सभी संबंधित पदाधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से जिले की जनता को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मेडिकल कॉलेज से जिले को होंगे कई फायदे विधायक ने कहा कि यदि सदर अस्पताल मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित होता है तो इससे न केवल इलाज की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा, बल्कि जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं को मेडिकल शिक्षा के लिए दूसरे जिलों या राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह सहरसा जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगी। चिकित्सकों ने रखीं जमीनी समस्याएं समीक्षा बैठक के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पताल से जुड़ी समस्याओं को खुलकर सामने रखा। अस्पताल परिसर में जलनिकासी (ड्रेनेज) की खराब व्यवस्था एक बड़ी समस्या के रूप में उभरी। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था की कमी और आवश्यक संसाधनों की सीमित उपलब्धता को लेकर भी चिकित्सकों ने चिंता जताई। डॉक्टरों ने बताया कि रात के समय आपातकालीन सेवाओं में पर्याप्त स्टाफ की कमी रहती है। सड़क दुर्घटनाओं और आपसी विवाद से जुड़े मामलों में घायल मरीजों के साथ आने वाली भीड़ कई बार उग्र हो जाती है, जिससे चिकित्सकों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रहता है। नशे में आने वालों से बढ़ती अव्यवस्था बैठक में यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया कि नशे की हालत में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके साथ आए लोगों के कारण अक्सर अस्पताल में अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है। इससे न केवल इलाज में बाधा उत्पन्न होती है, बल्कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। अस्पताल परिसर में पुलिस ओपी की मांग इन सभी समस्याओं को देखते हुए चिकित्सकों ने अस्पताल परिसर में पुलिस ओपी (आउट पोस्ट) की स्थापना की मांग रखी। डॉक्टरों का कहना था कि यदि अस्पताल परिसर में पुलिस की स्थायी व्यवस्था होती है, तो कानून-व्यवस्था बनी रहेगी और स्वास्थ्यकर्मी बिना किसी भय के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे। समस्याओं के समाधान का भरोसा विधायक इंजिनियर आईपी. गुप्ता ने चिकित्सकों की सभी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सुरक्षा, आधारभूत संरचना और संसाधनों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों से समन्वय कर ठोस कदम उठाए जाएंगे। सामूहिक प्रयास से बनेगा मेडिकल कॉलेज विधायक ने कहा कि सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करना केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी के सामूहिक प्रयास से सहरसा जल्द ही एक आधुनिक मेडिकल कॉलेज की सौगात पाएगा, जिससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।



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