गोपालगंज पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के कड़े रुख के बाद जिले में हथियार प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। एसपी के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में थानाध्यक्षों ने अपने-अपने स्तर पर शस्त्र लाइसेंसधारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठ
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इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य लाइसेंसधारियों को हथियारों के रख-रखाव और उनके उपयोग से संबंधित कानूनी मर्यादाओं के प्रति जागरूक करना तथा सख्त चेतावनी देना था। एसपी विनय तिवारी ने स्पष्ट किया है कि लाइसेंस प्राप्त हथियार केवल आत्मरक्षा के लिए हैं, न कि सामाजिक रसूख दिखाने या भय का माहौल पैदा करने के लिए।
उत्सवों के दौरान ‘हर्ष फायरिंग’ पर पूर्ण प्रतिबंध
थानेदारों ने बैठकों के दौरान बताया कि किसी भी सार्वजनिक स्थल, मेला, बाजार या भीड़भाड़ वाले इलाके में हथियार का प्रदर्शन करना अब भारी पड़ सकता है। शादियों और उत्सवों के दौरान ‘हर्ष फायरिंग’ पर पूर्ण प्रतिबंध है। ऐसा करते पाए जाने पर न केवल लाइसेंस रद्द किया जाएगा, बल्कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज होगा।
पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि लोग अक्सर हथियारों के साथ रील या फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं। पुलिस अब ऐसी गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही है और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
नियम तोड़ने वालों के हथियारों को किया जाएगा जब्त
एसपी के निर्देशानुसार, यदि कोई भी लाइसेंसधारी नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने वालों के हथियारों को जब्त करने और उनके लाइसेंस के स्थायी निरस्तीकरण की प्रक्रिया में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
एसपी विनय तिवारी ने बताया कि इन विशेष बैठकों का मुख्य उद्देश्य सभी हथियार लाइसेंसधारियों को ‘आयुध अधिनियम 1959’ और ‘आयुध नियम 2016’ के कड़े प्रावधानों से अवगत कराना था। साथ ही, हाल ही में सामने आए नियमों के घोर उल्लंघनों पर पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को भी स्पष्ट किया गया।
सभी अनुज्ञप्तिधारियों को स्पष्ट रूप से नियमों की जानकारी दी गई है और चेतावनी दी गई है कि इनका उल्लंघन होने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई तय है।
हैंडगन एवं अन्य आग्नेयास्त्र, जैसे राइफल, बंदूक आदि को किसी भी सार्वजनिक स्थान, सड़क, बाजार, शादी समारोह, जुलूस अथवा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में ले जाने के दौरान निर्धारित गन कवर, होल्डर अथवा कैरी केस में पूर्णतः सुरक्षित एवं ढंककर रखना अनिवार्य है।
किसी भी परिस्थिति में हथियार का खुला प्रदर्शन, हाथ में लेकर घूमना, कंधे पर खुला टांगना, सार्वजनिक रूप से लहराना अथवा बिना कवर के प्रदर्शित करना Arms Rules, 2016 का उल्लंघन माना जाएगा। आत्मरक्षा के लिए दिया जाता है आर्म्स लाइसेंस
आर्म्स लाइसेंस केवल आपकी आत्मरक्षा के लिए निर्गत किया जाता है, समाज में ‘भौकाल’ या डर पैदा करने के लिए नहीं। किसी भी शादी, जनेऊ, पार्टी या राजनीतिक सभा में हथियार का खुला प्रदर्शन या उसे हवा में लहराना गंभीर अपराध है। ऐसा करते पाए जाने पर तुरंत FIR दर्ज की जाएगी।
आर्म्स एक्ट में हुए नए संशोधनों के तहत किसी भी सार्वजनिक समारोह, शादी, या धार्मिक स्थल पर खुशी में गोली चलाना एक संज्ञेय अपराध है। इसके लिए 2 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। शराब या किसी भी प्रकार के नशे की हालत में हथियार साथ रखना पूर्णतःप्रतिबंधित है।
किसी पार्टी या फंक्शन में यदि कोई व्यक्ति हथियार के साथ नशे की हालत में पाया गया, तो उसकी उसी वक्त गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। हथियार के साथ एक जिले से दूसरे जिले में जाता है या वहां निवास करता है, तो उसे संबंधित जिला दंडाधिकारी या लाइसेंसिंग अथॉरिटी को सूचित करना और उनके नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
दूसरे जिले का लाइसेंस लेकर बिना वैध अधिकार क्षेत्र या पूर्व सूचना के घूमना अवैध माना जाएगा।

लोगों की समस्या सुन रहे अधिकारी।
नियम तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द
इन नियम या शर्त का उल्लंघन करने पर पुलिस द्वारा आर्म्स एक्ट की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करते हुए धारा 17 (3) के तहत जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजकर संबंधित अनुज्ञप्तिधारी का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करवा दिया जाएगा।
बता दें कि हाल ही में मीरगंज थाना अंतर्गत सेमराव में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम का वीडियो प्रकाश में आया था, जिसमें उपस्थित व्यक्तियों द्वारा लाइसेंसी/अवैध हथियारों को बिना किसी ‘कैरी-कवर’ के खुलेआम सार्वजनिक स्थान पर ले जाया गया और हवा में लहराकर शक्ति प्रदर्शन किया गया।
यह कृत्य आयुध नियमों का सीधा और स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके आलोक में मीरगंज थाना में सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। उक्त वायरल वीडियो में प्रदर्शित एक प्रतिबंधित हथियार होने का भी गहरा संदेह है।
पुलिस द्वारा इस संदिग्ध हथियार और वायरल वीडियो की सत्यता की वैज्ञानिक और बैलिस्टिक जांच के लियनइसे ‘विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।