
Hardeep Singh Puri: वैश्विक संकट के बीच रविवार (10 मई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से कई बड़ी अपील की। उन्होंने जनता को कोरोना काल की याद दिलाई और कहा कि हमें एक बार फिर एकजुट होकर राष्ट्रहित में कुछ कदम उठाने होंगे। पीएम मोदी की इस अपील के बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जनता के सामने कुछ आंकड़े रखें। उन्होंने बताया कि किस तरह सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन 1,000 करोड़ का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, इस तिमाही में तेल कंपनियों का कुल घाटा 1,00,000 तक पहुंच सकता है।
PM की अपील को ‘जन आंदोलन’ में बदलने को कहा
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने PM मोदी की अपील को ‘जन आंदोलन’ में बदलने की देश की जनता से अपील की है। उन्होंने X पर किए एक पोस्ट में लिखा, “PM नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल कम करें, जहां मुमकिन हो वहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें, और जितना हो सके कार पूल करें। इस तरह के कदम देश को ऊर्जा बचाने, ऊर्जा आयात बिल पर बचत करने और कई ऊर्जा उत्पादक देशों के बीच चल रहे गंभीर सैन्य संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने में मदद करेंगे।”
मंत्री ने बताया कि किस तरह भारत उन बहुत कम देशों में से एक है जिसने ऊर्जा की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं और नागरिकों को लगातार सप्लाई बनाए रखी है, जबकि हम दुनिया के कई हिस्सों में संकट गहराते हुए देख रहे हैं। हमारा ऊर्जा क्षेत्र इस असर का सबसे ज्यादा बोझ उठा रहा है।
‘हर दिन 1,000 करोड़ तक का नुकसान…’
पुरी ने आंकड़ों पेश करते हुए आगे कहा कि OMC (तेल मार्केटिंग कंपनियां) कच्चा तेल, गैस और LPG ज्यादा कीमत पर खरीद रही हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को बचाने के लिए, वे तैयार उत्पादों को कम कीमत पर बेच रही हैं, जिससे उन्हें हर दिन 1,000 करोड़ तक का भारी नुकसान हो रहा है। फिर भी, OMC ने बिना किसी रुकावट के ऊर्जा का आयात और सप्लाई सुनिश्चित की है।
उन्होंने आगे बताया कि हम 60 मिलियन से ज्यादा उन उपभोक्ताओं को बचाने में कामयाब रहे हैं जो हर दिन रिटेल स्टेशनों पर आते हैं। इसके अलावा, मोदी सरकार ने रिटेल ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कम कर दी, जिससे उसे एक महीने में 14,000 रुपये करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ। इस फैसले के बाद भी, इस तिमाही में ही OMC की अनुमानित ‘अंडर-रिकवरी’ (लागत से कम वसूली) बढ़कर 2,00,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है और नुकसान लगभग 1,00,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
केंद्रीय मंत्री ने लोगों से कहा कि आइए, हम PM मोदी जी की इस संवेदनशील अपील को ऊर्जा बचाने और संरक्षित करने के लिए एक ‘जन आंदोलन’ में बदल दें।
PM मोदी की नागरिकों से बड़ी अपीलें
इससे पहले पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत पर इन युद्धों का कितना असर पड़ रहा है। उन्होंने जनता से वर्क फ्रॉम होम दोबारा अपनाने, सोना न खरीदने, विदेश यात्रा टालने जैसी कई अपील की।
1. ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ को फिर से अपनाएं
2. पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल “संयम से” करें
3. सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो यात्रा को प्राथमिकता दें
4. ‘कारपूलिंग’ अपनाएं
5. गैर-जरूरी विदेश यात्राएं कम से कम एक साल के लिए टालें
6. गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से एक साल तक बचें