
Makhanlal Sarkar: पश्चिम बंगाल की नई BJP सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अनुभवी कार्यकर्ता माखनलाल सरकार के साथ एक भावुक पल साझा किया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले, उन्होंने मंच पर मौजूद 98 वर्षीय नेता के पैर छुए और उन्हें गले लगाया।
पीएम के इस भाव को बंगाल में BJP के सबसे पुराने जमीनी कार्यकर्ताओं में से एक के प्रति सम्मान के तौर पर देखा गया। अब इस घटनाक्रम के बाद माखनलाल सरकार की पहली प्रतिक्रिया आई है। अपनी पहली प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा ‘बीजेपी सरकार नहीं बनती, तो पश्चिम बंगाल भी बांग्लादेश बन जाता।’
माखनलाल सरकार ने RSS का किया जिक्र
शपथ ग्रहण समारोह के बाद माखनलाल सरकार ने रिपब्लिक भारत से बात करते हुए एक सवाल के जवाब में कहा ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहले मेरी तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) थे, इसलिए उन्होंने लगता है कि माखनलाल सरकार जो कहता है, वो सही कहता है। एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए कहा ‘मुझे अपनी सरकार (बीजेपी) पर पूरा भरोसा है। मैं दूसरे के बारे में कुछ बोलना नहीं चाहता हूं।’
पांच साल में बंगाल असल बंगाल हो जाएगा
माखनलाल सरकार एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए कहा ‘अगले पांच साल में पश्चिम बंगाल असल मायनों में बंगाल हो जाएगा, नहीं तो कुछ दिनों में हिन्दू लोग मुसलमान हो जाते।’ वहीं, उन्होंने एक अन्य सवाल का उत्तर देते हुए कहा ‘पश्चिम बंगाल में जनता ने BJP को सपोर्ट देकर BJP की सरकार बनाई है, इसलिए अब बंगाल बच गया है।’
BJP सरकार नहीं बनती, तो बंगाल भी बांग्लादेश बन जाता
पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद पहली बार बीजेपी सरकार बनने के बाद एक सवाल का जवाब देते हुए माखनलाल सरकार ने कहा ‘भारतीय जनता पार्टी बंगाल में सरकार नहीं बनती, तो पश्चिम बंगाल भी बांग्लादेश बन जाता।’ आगे उन्होंने कहा ‘बंगाल में BJP की सरकार बन गई है तो सब खुश हैं।
कौन हैं माखनलाल सरकार?
98 साल के माखनलाल सरकार को पश्चिम बंगाल में BJP के सबसे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में से एक माना जाता है। उन्हें आजादी के बाद के भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती चेहरों में से एक के तौर पर भी जाना जाता है। 1980 में भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद, माखनलाल सरकार ने पश्चिम बंगाल में पार्टी के विस्तार में एक अहम संगठनात्मक भूमिका निभाई हैं।
बताया जाता है कि उन्होंने एक साल के अंदर ही लगभग 10,000 सदस्यों को पार्टी में शामिल करवाने में मदद की थी। यह उस समय की बात है, जब बंगाल की राजनीति में BJP की मौजूदगी न के बराबर थी।