
Himachal economic crisis : हिमाचल प्रदेश की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने आर्थिक संकट से निपटने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने बोर्ड, निगम और आयोगों के चेयरमैन, वाइस-चेयरमैन और सलाहकारों को मिलने वाली कैबिनेट रैंक सुविधाएं तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी हैं। इस फैसले से राज्य सरकार के खर्च में कमी आएगी।
सरकार ने फैसला किया है कि अब बोर्ड, निगम और आयोगों के चेयरमैन, वाइस-चेयरमैन और सलाहकारों को दी जाने वाली कैबिनेट रैंक की सुविधाएं तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी जाएंगी। यानी अब इन्हें कैबिनेट मंत्री के बराबर वेतन, भत्ते, सुविधाएं और स्टाफ नहीं मिलेगा।
इसके अलावा, इन पदों पर बैठे लोगों को मिलने वाला 20 फीसदी वेतन और भत्तों को 30 सितंबर, 2026 तक के लिए रोक दिया गया कर है। हाल ही में रैवेन्यू डेफेसिट ग्रांट बंद करने और आर्थिक संकट के बीच राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के सचिवों को आदेश जारी किए हैं कि वे इस फैसले को फौरन लागू करें और इसका पालन सुनिश्चित करें। यह कदम राज्य सरकार के खर्च को कम करने के लिए उठाया गया है। हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है, ताकि संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके और प्रदेश मजबूत बने।
यह फैसला प्रदेश के विकास और आत्मनिर्भरता की राह पर एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिसमें अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाई गई है।