
संसद के बजट सत्र में बुधवार को लोकसभा में एक बार फिर भारी हंगामा देखने को मिला। हंगामे की वजह से कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच भारत-अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील पर तीखी बहस हुई। इस दौरान AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान और एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर जमकर निशाना साधा। इसके साथ उन्होंने ट्रंप कार्यकारी आदेश पर केंद्र सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।
AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में कहा, “US ट्रेड डील की बात करें तो, जो ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर निकाला कि अगर हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूस का तेल खरीदते हैं, तो वे 25% टैरिफ लगाएंगे। यह ‘गोरी चमड़ी वाला’ कौन है जो वहां बैठकर हमें हुक्म देगा? क्या देश को इसके लिए आजादी मिली थी? कि वहां बैठकर आदेश दे। हम जिससे चाहेंगे तेल खरीदेंगे। आप कौन होते हैं हमें बताने वाले? तुम मेरे माय-बाप हो क्या?
‘गोरी चमड़ी वाले’ के सामने इतना क्यों गिर रहे हैं-ओवैसी
ओवैसी ने लोकसभा में कहा कि अब आप भारत को मॉनिटर करेंगें। यह दुख की बात है कि सरकार चुप है। 2019 में कहा कि ईरान से तेल मत लो और हमने तेल नहीं लेकर बड़ी गलती की। फिर अमेरिका ने कहां ईराक से तेल लो कॉम्परेबल रेट पर, मार्केट प्राइस पर नहीं। आज US कह रहा है कि मोनोपोली रेट पर तेल पर लो। हम इस ‘गोरी चमड़ी वाले’ के सामने इतना क्यों गिर रहे हैं? हमारा आत्मसम्मान कहां है।
ट्रंप ने 6 फरवरी को जारी एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में स्पष्ट रूप से सेक्शन 4 का जिक्र करते हुए चेतावनी दी है कि यदि भारत प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूस से कच्चा तेल खरीदता है, तो अमेरिका 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा देगा। उन्होंने इसे भारत की संप्रभुता पर हमला करार देते हुए तीखा विरोध जताया। बता दें कि लोकसभा में चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने भी ट्रेड डील और अमेरिकी दबाव पर सरकार से सवाल उठाए, इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब भी दिया।