
Akhilesh Yadav news: उत्तर प्रदेश की राजनीति में सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार (21 फरवरी) को भाजपा सरकार पर उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) हटाने और सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा कि सरकार को यह बताना चाहिए था कि NSG सुरक्षा क्यों हटाई गई?
NSG सुरक्षा क्यों हटाई गई- अखिलेश का सवाल
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार सुरक्षा से कितना खिलवाड़ करती है, उसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। राहुल गांधी जी को SPG सुरक्षा मिली थी। BJP सरकार ने उनकी SPG सुरक्षा हटाई, उनका घर खाली कराया। हमारे पास NSG सुरक्षा थी, उसे हटा लिया। सरकार को उस रिपोर्ट को बताना चाहिए था, एनएसजी सुरक्षा क्यों हटाई गई। सरकार हमारे ड्राइवर और गेट खोलने वालों की भी गिनती कर बता दिया कि इतनी सुरक्षा दी गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा का जो प्रोटोकॉल है, वह तो मिलेगा ही।
यह बातें उन्होंने झांसी के एक दिवसीय दौरे के दौरान मीडिया से बात करते हुए कही। उन्होंने शंकराचार्य का अपमान समेत तमाम मुद्दों को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर जाना है। 2027 में जनता समाजवादी पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाएगी।
केशव प्रसाद मौर्य ने दिया था जवाब
इससे पहले विधान परिषद में भी अखिलेश यादव की सुरक्षा का मुद्दा उठा था। सपा सदस्य आशुतोष सिन्हा ने पूर्व मुख्यमंत्री को कम सुरक्षा देने और NSG सुरक्षा न मिलने पर सवाल उठाया, जिस पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की ओर से जवाब दिया गया। मौर्य ने साफ किया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों अखिलेश यादव, मायावती की सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि इसकी जगह उन्हें मानक से भी अधिक सुरक्षाकर्मी प्रदान किए गए हैं।
बताया किसकी सुरक्षा में तैनात हैं कितने सुरक्षाकर्मी?
डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि राजनाथ सिंह से लेकर मायावती, अखिलेश यादव तक किसकी सुरक्षा में कितने-कितने सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के लिए 81 सुरक्षा कर्मियों की सिफारिश है। वर्तमान में उनकी सुरक्षा में 82 कर्मी तैनात हैं। वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए 156 कर्मियों की सिफारिश है। उनकी सुरक्षा में 161 कर्मी लगे हुए हैं। इसी तरह अखिलेश यादव के लिए 185 सुरक्षा कर्मियों की सिफारिश है और 186 कर्मी तैनात हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए Z+ सुरक्षा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सरकार अखिलेश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी। सपा को सिर्फ मायावती की NSG सुरक्षा से दिक्कत है। मौर्य ने इस दौरान तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश को पूर्व मुख्यमंत्री हैं और वे पूर्व ही बने रहेंगे। इस पर सपा सदस्य राजेंद्र चौधरी ने पलटवार करते हुए जवाब दिया कि 15 मार्च 2027 को अखिलेश यादव ही यूपी के सीएम होंगे, जिस पर केशव प्रसाद ने इसे ‘मुंगेरीलाल का हसीन सपना’ बताया।