
Sadhvi Prem Baisa: राजस्थान के जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की गुत्थी सुलझी नहीं है। सवाल अब भी बना हुआ है कि साध्वी की मौत आखिर कैसे हुई? क्या वाकई एक इंजेक्शन ने उनकी जान ली या उनकी मौत के पीछे की वजह कुछ और ही है? इन्हीं सवालों के जवाब अब विशेष जांच दल (SIT) तलाशेगी। जी हां, साध्वी प्रेम बाईसा की मौत मामले की जांच के लिए एक 9 सदस्यीय SIT का गठन कर दिया गया है।
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। SIT की कमान एसीपी छवि शर्मा को सौंपी गई है, जो मामले की जांच की निगरानी करेंगी। वहीं, टीम में जांच अधिकारी के तौर पर शकील अहमद (SHO) को शामिल किया गया है। SIT की टीम में राजीव भादू (SHO), प्राची गुर्जर (सब इंस्पेक्टर), राकेश (ASI एवं साइबर एक्सपर्ट), कॉन्स्टेबल जगदीश, कॉन्स्टेबल दलाराम, कॉन्स्टेबल भगाराम, कॉन्स्टेबल महेंद्र, कॉन्स्टेबल रघुवीर और महिला कॉन्स्टेबल कलावती शामिल हैं।
SIT की टीम साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत बिगड़ने से लेकर उनकी मौत, इलाज की प्रक्रिया, इंजेक्शन दिए जाने के दावों और मृत्यु के बाद उजागर हुए कथित सुसाइट नोट समेत हर बिंदु की पड़ताल करेगी। इसके साथ ही, पहले दर्ज ब्लैकमेलिंग मामले और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच होगी।
जानकारी के अनुसार मामले में आरोपी कंपाउंडर देवी सिंह से पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि कंपाउंडर ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए खुलासा किया है कि उसने साध्वी को केवल एक इंजेक्शन नहीं, बल्कि एक से ज्यादा इंजेक्शन लगाए थे। अब तक केवल ‘डेक्सोना’ इंजेक्शन देने की ही बात सामने आ रही थी। उन अन्य इंजेक्शनों में कौन सा साल्ट (Salt) था, उनकी कितनी मात्रा थी, SIT इसकी बारीकी से जांच कर रही है।
पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मौत की असल वजह और समय के बारे में साफ जानकारी मिलेगी।
साध्वी प्रेम बाईसा राजस्थान के नागौर जिले की रहने वाली थीं। छोटी सी उम्र में ही उनका झुकाव अध्यात्म की ओर हो गया था। वे मुख्य रूप से भजन गायिका के रूप में प्रसिद्ध थीं। उनके गाए हुए राजस्थानी भजन और ‘कथा’ कहने के अंदाज ने उन्हें कम समय में ही एक बड़ी पहचान दिला दी थी। इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उनकी तगड़ी फैन फॉलोइंग थी, जहां उनके वीडियोज को लाखों बार देखा जाता था।