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सहरसा में सूखे नशे पर विधानसभा में हंगामा विधायक गुप्ता ने कहा नाबालिगों तक पहुंचा खतरा विशेष नीति बने सम्राट चौधरी बोले बॉर्डर…




सहरसा में तेजी से बढ़ रहे सूखे नशे(ड्राई ड्रग्स) की समस्या सोमवार को बिहार विधानसभा में गूंज उठी। जिले के विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता उर्फ आईपी गुप्ता ने यह मामला गंभीरता से उठाते हुए सरकार से विशेष नीति बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शहर में नशे का दायरा युवाओं से लेकर नाबालिगों तक फैल चुका है, जो आने वाले समय के लिए खतरनाक संकेत है। शाम होते ही चाय दुकानों पर जुटते नाबालिग गुप्ता ने सदन में कहा कि सहरसा में हालात इतने खराब हैं कि शाम 7 बजे के बाद कई चाय दुकानों पर 14 से 18 वर्ष के नाबालिगों की भीड़ देखी जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये बच्चे और युवा खुलेआम सूखे नशे का सेवन करते हैं लेकिन रोकथाम के नाम पर कार्रवाई बेहद कमजोर है। उन्होंने सहरसा आईटीआई विद्यालय का भी जिक्र किया, जहां उनके अनुसार छोटे-छोटे छात्र भी नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं। अगर स्थिति नहीं संभाली गई तो आने वाले वर्षों में पूरा एक पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी,” उन्होंने चेतावनी दी। शराबबंदी की तरह नशा रोकने के लिए नई नीति बने विधायक ने सरकार के मौजूदा प्रयासों को केवल रूटीन वर्क करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह बिहार में शराबबंदी कानून लागू कर कठोर कदम उठाए गए, उसी तरह 14–18 आयु वर्ग के युवाओं को ड्रग्स से बचाने के लिए अलग और प्रभावी नीति बनाई जानी चाहिए। इंद्रजीत गुप्ता ने सवाल उठाया कि क्या राज्य सरकार यह जांच कर रही है कि एचआईवी जैसे गंभीर रोगों में बढ़ोतरी का सूखे नशेसे कोई संबंध है या नहीं? उन्होंने कहा कि नशे का दुष्परिणाम केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, समाज और कानून-व्यवस्था सभी पर पड़ता है। इसलिए तत्काल ठोस कदम उठाने जरूरी हैं। कार्रवाई लगातार, बॉर्डर पर विशेष फोकस- सम्राट चौधरी विधानसभा में उठे सवालों पर जवाब देते हुए सूबे के डिप्टी सीएम सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार ड्रग्स के खिलाफ गंभीर है और लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि बॉर्डर इलाकों में हीरोइन, ब्राउन शुगर, अफीम और कोकीन जैसे खतरनाक मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष टीम तैनात की गई है। गृहमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर नारकोटिक्स के लिए अलग यूनिट का गठन किया गया है। इसके अलावा सीमावर्ती जिलों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी बढ़ाई गई है ताकि बाहरी राज्यों से ड्रग्स की तस्करी रोकी जा सके। उन्होंने कहा, ड्रग्स माफियाओं को किसी भी हाल में छोड़ने का सवाल नहीं है। DIG स्तर के अधिकारी की तैनाती सम्राट चौधरी ने विधानसभा को आश्वस्त किया कि ड्रग्स रोकथाम को और प्रभावी बनाने के लिए एक डीआईजी स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की जा रही है, जो सीधे तौर पर ड्रग्स ऑपरेशन्स और टीमों की मॉनिटरिंग करेंगे। उन्होंने कहा कि जहां से भी सूचना मिलेगी, तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गृहमंत्री ने यह भी दावा किया कि हाल के महीनों में कई जिलों में भारी मात्रा में सूखे नशे की बरामदगी हुई है। कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और नेटवर्क को तोड़ने के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। सहरसा में बढ़ते नशे को लेकर चिंता, अभिभावक भी परेशान सहरसा के कई मोहल्लों और बाजारों से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं कि स्कूल-कॉलेज उम्र के छात्र चाय दुकानों, सुनसान गलियों और इनडोर ठिकानों पर ड्रग्स का सेवन कर रहे हैं। अभिभावक इस स्थिति से चिंतित हैं और प्रशासन से सख्त कदम की मांग कर रहे हैं। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि अगर नशे की रोकथाम नहीं हुई तो सहरसा में अपराध, हिंसा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।



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