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समस्तीपुर और आसपास के जिले में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिन के समय में गर्मी का एहसास भी होने लगा है। पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस अधिक है। न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय मौसम विभाग के अनुसार अब लगातार दिन और रात के समय में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। पिछले 24 घंटा के दौरान मौसम शुष्क रहने की संभावना है, बारिश की संभावना नहीं है। सात किलोमीटर की रफ्तार से पछिया हवा चल रही है, जिस कारण सुबह के समय में ठंड का एहसास अभी जारी रहेगा। किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी मौसम वैज्ञानिक ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए बताया है कि मक्का की फसल में आवश्यकता अनुसार सिंचाई करें। सिंचाई के बाद 25 से 30 किलोग्राम नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर की दर से उपरिवेशन करें। जिससे कम तापमान और शीतलहर से फसल को हुए नुकसान को काम किया जा सकेगा। पिछात बोई गई गेहूं की फसल में खरपतवार नियंत्रण को प्राथमिकता दें। वसंत कालीन ईंट की रोपाई के लिए मौसम अनुकूल हो रहा है। रोपाई काम के लिए खेत को तैयार करें। खेतों की जुताई के समय 15 से 20 टन सरी हुई गोबर की खाद प्रति हेक्टेयर डालें। इससे भूमि की जलधारण क्षमता और पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है। आलू की तैयार फसल की खुदाई कर लें । बीज वाली फसल में ऊपरी लत्तियों की कटाई करें । खुदाई से 15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें । बाद में आलू की फसल में कजरा पिल्लू की नियमित निगरानी करें। सरसों की फसल की लाही किट की नियमित निगरानी करें। यह किट पौधे के कोमल भागों का रस चूसता है, जिससे पौधों का बढ़ना रुक जाता है। भिंडी कद्दू , कदिमा, करेला, खीरा, और नेनुआ की बुवाई के लिए खेत तैयार कर ले। बदलते मौसम में सर्दी खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी सदर अस्पताल के डॉक्टर नागमणि राज ने बदलते मौसम में खासकर बच्चों पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि ठंड खत्म होने और गर्मी की एंट्री के बीच सर्दी खांसी की बीमारी बढ़ जाती है। जिस कारण बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। दो दिनों के दौरान सदर अस्पताल के पिकू वार्ड में सर्दी खांसी से पीड़ित 30 बच्चे पहुंचे थे। जिसमें से 10 बच्चे का उपचार पीकू वार्ड में चल रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों का गर्म कपड़ा अभी कम ना करें। बच्चों को ताजा और गर्म भोजन खिलाएं। सुबह और शाम के समय में ज्यादा सतर्कता बरतें ।
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