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जमुई शहर के वार्ड संख्या 14 स्थित नारडीह गांव में नगर परिषद की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां 24 लाख रुपये की लागत से 1100 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जबकि सड़क के बीच में एक बिजली का पोल अभी भी खड़ा है। विभागीय नियमों के अनुसार, सड़क निर्माण का एस्टीमेट स्वीकृत होने से पहले सड़क की जद में आने वाले बिजली के पोल को हटाना अनिवार्य होता है। इन नियमों को दरकिनार कर बिना पोल हटाए ही सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। इस संबंध में विद्युत विभाग के एसडीओ मिथिलेश कुमार ने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हालांकि, ऑफ कैमरा उन्होंने बताया कि यदि किसी सड़क के बीच बिजली का पोल हो, तो सड़क निर्माण से पहले उसे शिफ्ट करना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में विद्युत विभाग की कोई भूमिका नहीं है और बिना पोल हटाए सड़क पास करना संबंधित विभाग की लापरवाही है। स्थानीय वार्ड आयुक्त के पति गौतम सिंह ने बताया कि बिजली पोल हटाने के लिए विद्युत विभाग को आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण संवेदक मोनू सिंह ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। विद्युत विभाग और नगर परिषद के पदाधिकारियों को कराया था अवगत स्थानीय निवासी शंभू मोदी ने आरोप लगाया कि संवेदक जबरन उस स्थान पर सड़क निर्माण करा रहा है, जहां बिजली का पोल बीच सड़क में मौजूद है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि तेज रफ्तार ट्रैक्टर या अन्य वाहन पोल से टकरा सकते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है और लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर विद्युत विभाग और नगर परिषद के पदाधिकारियों को पहले ही अवगत कराया था तथा सड़क निर्माण का विरोध भी किया था, लेकिन अब तक किसी वरीय पदाधिकारी द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
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