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सीवान के मैरवा थाना में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गुरुवार को इंग्लिश मोड़ से गिरफ्तार किए गए दो बाइक चोरों में से एक आरोपी शुक्रवार की देर रात हाजत की दीवार तोड़कर फरार हो गया। इस घटना ने न सिर्फ थाने की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी, बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। फरार आरोपी की पहचान रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के आदमापुर निवासी नसरूल्लाह के पुत्र फिरोज अंसारी के रूप में हुई है। पुलिस ने 26 फरवरी को इंग्लिश मोड़ से फिरोज अंसारी और दिनेश राजभर के पुत्र विशाल कुमार को चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। इसके बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर पुनः थाने लाया गया था। कमरे की खिड़की का लोहे का रॉड निकालकर आसानी से फरार बताया जाता है कि शुक्रवार की रात करीब साढ़े 12 बजे फिरोज अंसारी हाजत के बगल स्थित वाशरूम में गया। वहीं से उसने दीवार तोड़कर बगल के कमरे में प्रवेश किया और कमरे की खिड़की का लोहे का रॉड निकालकर आसानी से फरार हो गया। घटना की जानकारी पुलिस को लगभग एक बजे रात में ही मिल गई थी, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही एसपी पूरन कुमार झा मैरवा थाना पहुंचे और मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारियों व सुरक्षाकर्मियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने ऑन ड्यूटी ओडी ऑफिसर और संतरी के खिलाफ एक घंटे के अंदर रिपोर्ट तलब की। जांच के बाद संतरी और ओडी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन एसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की जा रही है। वहीं, एसडीपीओ गौरी कुमारी भी थाने पहुंचकर जांच में जुट गई हैं। गौरतलब है कि नियमानुसार पुलिस को गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत करना होता है। ऐसे में पूरी प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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