
India-US Trade Deal | Image:
ANI
India-US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री (Union Commerce Minister) पीयूष गोयल ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और व्यापारिक समझौतों को लेकर पिछली सरकारों की नीतियों को भारत के लिए बड़ा नुकसान करार दिया। गोयल का यह बयान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और यूरोपीय देशों के साथ होने वाली फ्री ट्रेड डील (FTA) के संदर्भ में आया है।
‘भारत को भारी नुकसान पहुंचाया..’ : पीयूष गोयल
पीयूष गोयल ने कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों वाले ‘यूपीए’ गठबंधन पर आरोप लगाया कि उन्होंने 2004 से 2014 के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को ‘मजबूत’ स्थिति से गिराकर ‘फ्रेजाइल फाइव’ (दुनिया की पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाएं) में ला खड़ा किया था। गोयल के अनुसार, पिछली सरकारों में निर्णय लेने की शक्ति और स्पष्ट दूर दृष्टि की कमी थी।
उन्होंने विशेष रूप से यूरोप के साथ व्यापार वार्ता का उदाहरण देते हुए कहा कि जो बातचीत 2007 में शुरू हुई थी, उसे 2013 में बिना किसी नतीजे के बीच में ही छोड़ दिया गया। गोयल का कहना है कि विपक्ष की इस अनिर्णय ने देश के युवाओं, महिलाओं और छोटे उद्योगों (MSMEs) के साथ विश्वासघात किया है, जिससे देश ने प्रगति के कई बड़े अवसर गंवा दिए।
रूस और अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्तों पर सफाई
रूसी तेल की खरीद और अमेरिका के साथ व्यापारिक तालमेल पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए पीयूष गोयल ने न्यूज एजेंसी ANI से स्पष्ट किया कि भारत के लिए अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना रणनीतिक हित की बात है। उन्होंने कहा कि अमेरिका से कच्चा तेल, एलएनजी या एलपीजी खरीदना इसी रणनीति का हिस्सा है।
हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि व्यापार समझौते (Trade Deal) यह तय नहीं करते कि कौन किससे क्या खरीदेगा, बल्कि ये समझौते व्यापार के रास्ते को आसान बनाने और भारतीय उत्पादों को विदेशी बाजारों में प्राथमिकता दिलाने के लिए होते हैं।
भारत-अमेरिका के बीच भरोसे की कोई कमी नहीं: गोयल
गोयल ने जोर देकर कहा कि भारत और अमेरिका के बीच या उनके नेताओं के बीच भरोसे की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि नई डील के तहत भारतीय एक्सपोर्ट्स को अमेरिकी बाजार में 18% टैरिफ का लाभ मिलेगा, जो चीन जैसे प्रतिस्पर्धी देशों (जिन पर 35% तक टैरिफ है) के मुकाबले भारत को एक मजबूत बनाएगा।
भारत के प्रति यूरोपीय देशों का बदला नजरिया
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज दुनिया का भारत पर भरोसा बढ़ा है, जिसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत संबंधों और उनकी स्पष्ट नीतियों को जाता है। उन्होंने कहा कि पहले जो यूरोपीय देश भारत के साथ व्यापारिक बातचीत तक नहीं करना चाहते थे, आज वे खुद भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने के लिए उत्सुक हैं। गोयल के मुताबिक, वर्तमान सरकार किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा करते हुए देश को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में काम कर रही है।