
Menaka Guruswamy: पश्चिम बंगाल की पांच राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। TMC ने चार उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है, जिनमें एक नाम सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी का भी शामिल है। अगर वे चुनी जाती हैं तो भारत की पहली LGBTQ सांसद बन सकती हैं।
दरअसल, विभिन्न राज्यों की खाली हो रही राज्यसभा की 37 सीट के लिए मतदान 16 मार्च को होना है। इसमें पश्चिम बंगाल की भी पांच सीटें शामिल हैं। इसके लिए टीएमसी ने चार उम्मीदवारों के नाम घोषित किए, जिसमें गुरुस्वामी के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, पूर्व बंगाल डीजीपी राजीव कुमार और बंगाली फिल्म अभिनेत्री कोएल मलिक शामिल हैं।
मेनका गुरुस्वामी एक प्रमुख भारतीय वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जो सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में प्रैक्टिस करती हैं। उनका जन्म 27 नवंबर 1974 को हैदराबाद में हुआ। मेनका ने बैंगलोर के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी बीए LLB की डिग्री ली। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, हार्वर्ड लॉ स्कूल से भी डिग्री हासिल की। 1997 में बार में शामिल होने के बाद उन्होंने पूर्व अटॉर्नी जनरल अशोक देसाई के साथ काम किया और संवैधानिक कानून, मानवाधिकार और LGBTQ+ अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में अपनी विशेषज्ञता दिखाई।
मेनका सबसे ज्यादा चर्चित 2018 के सेक्शन 377 केस के लिए हैं, जिसमें उन्होंने अहम भूमिका निभाई और भारत में समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करवाने में सफलता हासिल की। इसके अलावा उन्होंने ब्यूरोक्रेसी रिफॉर्म (फिक्स्ड टेन्योर), राइट टू एजुकेशन, सलवा जुडुम जैसे बड़े केस भी लड़े हैं। 2017-2019 तक मेनका ने कोलंबिया लॉ स्कूल में बीआर आंबेडकर रिसर्च स्कॉलर और लेक्चरर रहीं। 2019 में TIME मैगजीन ने उन्हें अपनी 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में शामिल किया गया था।
गुरुस्वामी की पार्टनर अरुंधति कटजू भी वकील हैं, जो सेक्शन 377 केस में उनके साथ थीं।