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मेडिकल इमरजेंसी के लिए टीम सार्वजनिक जगहों पर रहेगी होली पर सरकारी अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश एंटी एलर्जिक इंजेक्शन का एक्सट्रा…




पटना समेत पूरे बिहार में होली को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। आंख, त्वचा, सांस संबंधी दिक्कतें, नशे के मामले और सड़क हादसों से निपटने के लिए सरकारी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। आपातकालीन सेवाओं के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और जिला अस्पतालों में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं सक्रिय रहेंगी। एम्बुलेंस सेवा को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि होली के दौरान केमिकल रंगों से आंखों में जलन, त्वचा एलर्जी, सांस लेने में तकलीफ, सड़क दुर्घटनाएं और अधिक नशे के कारण स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए आवश्यक दवाओं, आई ड्रॉप, एंटी-एलर्जिक इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडरों का अतिरिक्त स्टॉक किया गया है। होली के जश्न में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए पटना के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील मार्गों पर 9 विशेष स्वास्थ्य टीमों की तैनाती की गई है। ये टीमें 24 घंटे सक्रिय रहेंगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराएंगी। पटना के सभी सरकारी व्यवस्था में तैयारी सिविल सर्जन डॉ. योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने पुष्टि की कि होली के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद है। सड़क दुर्घटनाओं और रंग-गुलाल से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड में रखा गया है। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना, लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल, न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल और नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इन सभी अस्पतालों में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं संचालित रहेंगी।
अस्पतालों में विशेष इंतजाम, छुट्टियां रद्द

बड़े अस्पतालों के अधीक्षक और प्रबंधकों ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को ऑन-ड्यूटी रहने के सख्त निर्देश दिए हैं। होली के दिन किसी भी कर्मचारी की छुट्टी स्वीकृत नहीं की गई है।
इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल के अनुसार, ट्रॉमा सेंटर में विशेष बेड आरक्षित किए गए हैं। यहां जीवनरक्षक दवाएं, ऑक्सीजन सपोर्ट और आधुनिक उपकरण उपलब्ध रहेंगे।
निजी अस्पताल को भी सतर्क रहने के निर्देश
पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक डॉ.राजीव कुमार सिंह ने बताया कि ट्रॉएज सिस्टम को अलर्ट कर दिया है, ताकि गंभीर मरीजों को बिना देरी प्राथमिक उपचार मिल सके। इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की गई है।
सिविल सर्जन कार्यालय ने निजी अस्पतालों को भी अपने संसाधनों और स्टाफ को अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।



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