
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी को सिंगापुर जाएंगे। इसके बाद उनका जापान दौरा भी प्रस्तावित है। योगी पहली बार सिंगापुर-जापान में होंगे। एजेंडा यूपी में निवेश लाने का है, लेकिन इससे अधिक चर्चा उनके पारंपरिक भगवा पहनावे को लेकर हो रही है। मुख्यमंत्री इस बार भी अपने पारंपरिक भगवा कुर्ता-चोला में ही विदेश यात्रा पर जाएंगे। आमतौर पर देश में होने वाले सरकारी कार्यक्रमों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक योगी आदित्यनाथ अपने इसी पहनावे में नजर आते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उनकी व्यक्तिगत और वैचारिक पहचान का हिस्सा बन चुका है।
सीएम योगी के साथ 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी रवाना होगा। प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, मुख्यमंत्री के ओएसडी आरबीएस रावत, विशेष सचिव अमित सिंह, आईएएस दीपक कुमार, प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्रम विभाग, प्रिंसिपल सेक्रेटरी आईटी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी टूरिज़्म, CEO Invest UP और निदेशक नेडा शामिल हैं।
सीएम योगी के पहनावे को लेकर हो रही चर्चा
मुख्यमंत्री इस दौरे में भी अपने पारंपरिक भगवा वस्त्र ही पहनेंगे। हालांकि विदेश यात्रा को ध्यान में रखते हुए वे सैंडल की जगह जूते पहनेंगे। उनके पहनावे को लेकर पहले से ही चर्चा तेज हो गई है। जापान दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ टोक्यो से करीब 45-50 किलोमीटर दूर स्थित हनुमान मंदिर भी जाएंगे।
भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे सीएम योगी
सीएम योगी 23-24 फरवरी को सिंगापुर में रहेंगे जबकि 25-26 फरवरी को जापान दौरे पर रहेंगे। उनके विदेश दौरे में सिंगापुर और जापान में कम्यूनिटी इवेंट का आयोजन रखा गया है, जहां वो भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वो दोनों जगहों पर निवेश को लेकर रोड शो का भी आयोजन करेंगे।
सियासी हस्तियों और निवेशकों से मुलाकात
मुख्यमंत्री सिंगापुर में पीएम, राष्ट्रपति, गृहमंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात संभावित है। इसके अलावा 23 फरवरी को सिंगापुर और 25 फरवरी को जापान में कम्यूनिटी इवेंट का आयोजन किया जाएगा। जापान में सीएम योगी यामानाशी के गवर्नर से भी मुलाकात कर सकते हैं। सीएम योगी न सिर्फ निवेशकों से मिलेंगे बल्कि यहां रह रहे भारतीयों से भी मिलेंगे।
सीएम योगी का ये दौरा यूपी के एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य प्राप्ति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री यहां ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा, फिनटेक और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए कंपनियों को आमंत्रित करेंगे।