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बेतिया शहर में बुधवार को भीषण जाम से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई। सुबह से शाम तक शहर की सड़कों पर वाहन रेंगते रहे और राहगीर फंसे रहे। यातायात नियंत्रण में तैनात पुलिसकर्मी दिनभर मशक्कत करते रहे, लेकिन जाम से स्थायी राहत नहीं मिल सकी। शहर में जाम की मुख्य वजह सड़क किनारे अतिक्रमण, फुटपाथी दुकानदारों का कब्जा और अव्यवस्थित पार्किंग है। नगर प्रशासन और संबंधित विभाग इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं। सड़क से लिंक रोड तक फुटपाथी दुकानदारों का कब्जा शहर की मुख्य सड़कों से लेकर लिंक रोड तक फुटपाथी दुकानदारों ने कब्जा जमा रखा है। सड़क किनारे ठेला-खोमचा लगने से आवागमन बाधित होता है। कई स्थायी दुकानदारों ने नियमों का उल्लंघन कर सड़क तक सीढ़ियां बना ली हैं, जिससे फुटपाथ पूरी तरह खत्म हो गया है। नतीजतन, पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरना पड़ता है और जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। इन दुकानों के पास पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे ग्राहक अपने वाहन सड़क पर ही खड़े कर देते हैं और यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। हरि वाटिका से छावनी के बीच सर्विस लेन पर दर्जनों दुकानें संचालित राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के सर्विस लेन पर भी स्थिति चिंताजनक है। हरिवाटिका से छावनी के बीच सर्विस लेन पर दो दर्जन से अधिक दुकानें संचालित हो रही हैं। यहां ठेला लगाकर खुलेआम सामान बेचा जा रहा है, जिससे एनएच पर अक्सर जाम लग जाता है। इसके अलावा, कई मॉल के पास अपनी पार्किंग नहीं है, फिर भी उनके ग्राहकों के वाहन सड़क पर खड़े होने से यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है। कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के दोनों ओर लगती हैं दुकानें कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय के सामने की स्थिति भी कम गंभीर नहीं है। कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के दोनों ओर सड़क किनारे दो दर्जन से अधिक दुकानें लगती हैं। सर्विस लेन पर फुटपाथी दुकानदारों के कब्जे के कारण यहां आए दिन जाम लगता है। जाम से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने अस्थायी डिवाइडर तो लगाए हैं, लेकिन दुकानों को हटाने या उन्हें अन्यत्र बसाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो रही है।
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