Newswahni

बेतिया में एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम डॉक्टर्स का वां वार्षिक उत्सव अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बच्चियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया…




बेतिया में एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम डॉक्टर्स के 17वें वार्षिक उत्सव में अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी अब्दुल राशीद ने मुस्लिम समुदाय में शिक्षा की कमी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तालीम की बुनियाद पर ही मुसलमानों की कामयाबी संभव हो सकती है। राशीद ने विशेष रूप से मुस्लिम बच्चियों में शिक्षा के निम्न स्तर को रेखांकित किया। उन्होंने उपस्थित मुस्लिम बुद्धिजीवियों से समाज में शिक्षा की अलख जगाने और बच्चियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की। ‘बच्चों को शिक्षा अवश्य दिलाएं’ पटना से आए एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम डॉक्टर्स के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रोफेसर मो. अतहर अंसारी ने भी शिक्षा को बढ़ावा देने की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षित बनाने के लिए एक वक्त का खाना छोड़ना पड़े, तो भी बच्चों को शिक्षा अवश्य दिलाएं। डॉ. अंसारी ने चेतावनी दी कि जब तक समाज शिक्षित नहीं होगा, तब तक वह पिछड़ा रहेगा और अपनी आवाज बुलंद नहीं कर पाएगा। उन्होंने समाज के लोगों से आगे आकर शिक्षा का अलख जगाने का आह्वान किया। सरकारी मदद पर निर्भरता की आलोचना की एम. शकील ने अपने संबोधन में सरकारी मदद पर निर्भरता की आलोचना की और जमीनी स्तर पर व्यक्तिगत प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केवल दूसरों की शिकायत करना तरक्की की निशानी नहीं है, बल्कि हमें स्वयं काम करना होगा। शकील ने प्रत्येक व्यक्ति से अपने परिवार, रिश्तेदारों और मोहल्ले के किसी एक गरीब बच्चे या बच्ची की शिक्षा में मदद करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इस सेमिनार का विषय ‘उम्मत का हाल और हमारी जिम्मेदारियां’ इसी बात पर केंद्रित है कि हम शिकायत से बचते हुए एक बच्चे को भी कामयाब बनाने में मदद करें, यही हमारी असल जिम्मेदारी है।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🏠
Home
🎬
मनोरंजन
💰
धन
🌦️
मौसम
📢
Latest News
×
Scroll to Top