![]()
बेगूसराय के व्यवहार न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न मामलों में कुल 6 करोड़ 60 लाख 16 हजार 771 रुपये का समझौता कराया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत ने दीप प्रज्वलित कर किया। राष्ट्रगान और स्वागत गान से हुई शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई, जिसके बाद आरसी एकेडमी की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष ऋषिकांत ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को तेज, सस्ता और सुलभ बनाना है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से निष्पादित मामलों के फैसले अंतिम होते हैं और इनमें अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे दोनों पक्षों को संतोषजनक समाधान मिलता है। विभिन्न मामलों का हुआ निष्पादन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत पक्षकारों के लिए एक सुनहरा अवसर है और इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। लोक अदालत में विभिन्न बैंकों के 1462 मामलों में 6 करोड़ 28 लाख 4 हजार 349 रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा बिजली के 90, आपराधिक के 603, रेलवे के 600, पंचायत के 60, बीएसएनएल के 2, लेबर के 22 और सर्टिफिकेट के 34 मामलों का निष्पादन किया गया। देर से आदेश आने के कारण ट्रैफिक चालान से संबंधित किसी भी मामले का निष्पादन नहीं हो सका। न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता रहे मौजूद इस अवसर पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश राज नारायण निगम, बृजेश कुमार सिंह, नवीन कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार, मिट्ठू रानी और सानू कुमार सहित बेगूसराय न्याय मंडल के कई न्यायिक दंडाधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रधान लिपिक इंद्रसेन कुमार, सहायक उदय कुमार, सौरभ कुमार, शशि कुमार, संगम मिश्रा, शैलेश कुमार, व्यवहार न्यायालय कर्मी अभिनव कुमार, रामकृष्ण बबलू तथा जिला वकील संघ के अध्यक्ष ध्रुव कुमार महतो, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजीत कुमार सिंह समेत कई अधिवक्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
Source link