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पूर्णिया के महिला महाविद्यालय में आज अमृत फूड फेयर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पीजी गृह विज्ञान विभाग की ओर से कॉलेज परिसर में आयोजित हुआ। पारंपरिक ज्ञान और चिकित्सीय पोषण का संगम मेले की थीम रही। छात्राओं ने पारंपरिक व्यंजन को नए अंदाज में परोसा। इसके जरिए बेहतर सेहत टिप्स के साथ ही हेल्दी इंडिया का मॉडल दिखाया। आयोजन में छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। गृह विज्ञान थर्ड सेमेस्टर की छात्राओं ने अलग-अलग स्टॉल लगाकर पारंपरिक व्यंजन को नए अंदाज में पेश किया। इन व्यंजनों को सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत के फायदे के आधार पर भी समझाया गया। खास बात यह रही कि हर डिश के साथ उसके पोषण तत्व और स्वास्थ्य लाभ की भी जानकारी दी गई। मोटे अनाज, आयरन से भरपूर आहार, इम्यूनिटी बढ़ाने वाले पेय और बीमारियों में इस्तेमाल किए जाने वाले पौष्टिक आहार आकर्षण का केंद्र रहे। छात्राओं ने बताया कि सही खानपान से एनीमिया, डायबिटीज, मोटापा और पाचन संबंधी समस्याओं से बचा जा सकता है। ये साबित कर दिया कि हमारी रसोई में ही बेहतर स्वास्थ्य का राज छिपा है। छात्राओं ने बताया कि कैसे देसी खानपान से इम्यूनिटी बढ़ाई जा सकती है और कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। मेले में थेरेप्यूटिक न्यूट्रिशन यानी औषधीय गुणों वाले आहार पर खास फोकस रहा। हेड मास्टर ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यक्रम का उद्घाटन कॉलेज के हेड मास्टर डॉ. अनंत प्रसाद गुप्ता ने किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ अच्छा स्वास्थ्य बेहद जरूरी है और इस तरह के आयोजन छात्रों को किताबों से बाहर की सीख देते हैं। विभागाध्यक्ष प्रीति सिंह ने बताया कि मेले का उद्देश्य पारंपरिक भोजन को वैज्ञानिक नजरिए से समझाना है। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. कुमारी अनामिका, सरिता कुमारी समेत अन्य शिक्षकों की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम के अंत में होली मिलन समारोह भी आयोजित किया गया। कॉलेज परिवार ने सभी छात्राओं, अभिभावकों और शहरवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं और प्राकृतिक रंगों के साथ सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने की अपील की। कहा कि प्राकृतिक रंगों और स्वास्थ्यवर्धक पकवानों के साथ सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाएं।
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