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पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में मामूली लाभ बढ़ने की उम्मीद रक्षा और ट्रांसमिशन से मदद मिलेगी


देश के पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही के दौरान मामूली लाभ वृद्धि की संभावना है। इस लाभ वृद्धि को रक्षा और ट्रांसमिशन क्षेत्रों के ऑर्डर संख्या में इजाफे से समर्थन मिलेगा। ऐसा तब होने के आसार हैं जब सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के ऑर्डर में व्यापक सुधार की स्थिति अब भी नहीं दिख रही है। इस सेक्टर पर नजर रखने वाले विश्लेषकों को उम्मीद है कि बेहतर निष्पादन और अच्छे बैकलॉग से राजस्व वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। ब्लूमबर्ग के विश्लेषकों के सर्वेक्षण से पता चलता है कि इस सेक्टर की अधिकांश कंपनियों के मामले में शुद्ध बिक्री, एबिटा और करोपरांत लाभ (पीएटी) में दो अंकों के इजाफे की संभावना है।

ब्रोकरेज कंपनी मोतीलाल ओसवाल के विश्लेषकों ने कहा, ‘अपने दायरे वाली कंपनियों के मामले में हम पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि और कर बाद लाभ में 6 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। हमारा मानना है कि इस सेक्टर के लिए मूल्यांकन की रीरेटिंग में अभी कुछ समय लगेगा और यह पूंजीगत व्यय, ऑर्डर प्रवाह तथा मार्जिन के सार्थक प्रदर्शन से ही तय होगा।’

इलारा कैपिटल के अनुसार लार्सन ऐंड टुब्रो को छोड़कर पूंजीगत वस्तु क्षेत्र की कंपनियों ने तिमाही के दौरान ऑर्डर मात्रामें पिछले साल के मुकाबले 89 प्रतिशत की वृद्धि देखी है जो 1.4 लाख करोड़ रुपये हो गई। इसमें आगे रहीं रक्षा कंपनियां जिनके ऑर्डर में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई। इनमें 156 हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स को दिया गया 62,700 करोड़ रुपये का अनुबंध भी शामिल है। इलारा ने कहा कि यह वृद्धि व्यापक है और बिजली, ट्रांसमिशन, जल और इंजीनियरिंग, खरीद व निर्माण (ईपीसी) में भी हुई है।

देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन ऐंड टुब्रो (एलऐंडटी) के मामले में विश्लेषकों को 19 प्रतिशत की संयुक्त राजस्व वृद्धि और प्रमुख कारोबार में 9 प्रतिशत एबिटा मार्जिन की उम्मीद है, जो एक साल पहले की तुलना में 50 आधार अंक (बीपीएस) कम है।

मोतीलाल ओसवाल के अनुसार हालांकि रक्षा और ट्रांसमिशन क्षेत्रों में दमदार मांग देखी गई, लेकिन केंद्रीय और निजी क्षेत्रों में व्यापक आधार पर वृद्धि अब भी गायब है। ब्रोकरेज ने कहा, ‘ट्रांसमिशन कंपनियों के साथ-साथ एलऐंडटी के लिए ऑर्डर के अच्छे प्रवाह की वजह से अब ध्यान मौजूदा ऑर्डर बुक के समय पर निष्पादन पर होना चाहिए।’


First Published – April 15, 2025 | 10:46 PM IST



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